भीषण गर्मी में गिरते जलस्तर और गंगा की बिगड़ रही हालत ने शहरवासियों के लिए पेयजल संकट पैदा कर दिया है। पिछले पांच दिन में दो सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर कम होने से जिला प्रशासन और जलकल के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि जिला प्रशासन की ओर से प्रमुख सचिव सिंचाई को एक बार फिर पत्र जारी कर गंगा में पानी छोड़ने की मांग की गई है, मगर शासन से किसी तरह का आश्वासन न मिलने के कारण अधिकारी पेयजल संकट को लेकर गंभीर बने हैं।
जलकल की मानें तो गंगा में कम से कम 200 फीट (60.96 मीटर) पानी होना चाहिए। इससे कम होता है तो पेयजल आपूर्ति करने में परेशानी होती है। विशेषज्ञों की मानें तो गंगा का जलस्तर इतना नीचे कभी नहीं गया था।
सोमवार को गंगा का जलस्तर न्यूनतम स्तर 57.50 पर पहुंच गया है, जबकि तीन दिन पहले तक यह 57.52 मीटर पर था। तीन दिन में दो सेंटीमीटर गिरे जलस्तर के चलते शहर की पेयजल व्यवस्था बिगड़ गई है। गंगा किनारे भदैनी वाटर स्टेशन में दो कुओं में एक से पानी आपूर्ति बंद हो गई है। दूसरे कुएं में भी जलस्तर कम होने से
पानी उठान की समस्या आ रही है। जलकल विभाग पेयजल आपूर्ति के समय को भी कम कर रहा है ताकि पानी के संकट को कम किया जा सके। महाप्रबंधक जलकल बीके सिंह का कहना है कि सभी कर्मचारियों को क्षेत्र में भ्रमण कर लीकेज को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर पानी गिरने को बंद कराया जा रहा है ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।
ये है जिलों की स्थिति
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जिला - जल स्तर (मीटर में)
फाफामऊ- 76.24
इलाहाबाद - 71.36
सीतामढ़ी- 74.74
मिर्जापुर- 62.76
वाराणसी- 57.50
गाजीपुर- 51.41
बलिया- 48.31