वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मूलगादी में पत्रकारों से बात करते हुए महंत विवेक दास ने कहा कि जो परिनिर्वाण स्थल है वहां पर प्राकट्य उत्सव कैसे मनाया जा सकता है।
बता दें कि महंत विवेक दास ही वाराणसी के लहरतारा स्थित कबीर प्राकट्य स्थली, कबीरचौरा स्थित मूलगादी और संत कबीरनगर जिले में स्थित परिनिर्वाण स्थली मगहर, तीनों जगहों के गद्दी महंत हैं।
संत विवेक दास इस बात से भी नाराज है कि महंत होने के बावजूद प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होने वाले इतने बड़े कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। जिससे कबीरपंथियों में भ्रम है।
विवेकदास ने इसे गलत परंपरा करार देते हुए कहा है कि इससे कबीर के विचार को बांटने की कोशिश को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि लोग वहां एकत्र होंगे और पीएम मोदी का विरोध कर सकते हैं।
बता दें कि कबीर दास के 620वें प्राकट्य उत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संत कबीर नगर स्थित मगहर मठ पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी रैली भी होगी। प्रदेश सरकार इस रैली को ऐतिहासिक बनाने में जुटी है। दरअसल, इस रैली के जरिए मिशन 2019 का पूर्वी उत्तर प्रदेश में आगाज भी माना जा रहा है।