वाराणसी शहर के कुंडों में मछलियां न मरें, इसके लिए वाटर रोटेशन सिस्टम लगाया जाएगा। इससे कुंडों में ऑक्सीजन का लेवल बना रहेगा। इसके लिए कुछ तालाबों में फव्वारे लगाए जाएंगे। दरअसल, गर्मी में ऑक्सीजन की मात्रा घटने से अक्सर मछलियों के मरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए यहां फव्वारे लगाए जाएंगे ताकि वाटर रोटेशन सिस्टम से ऑक्सीजन की मात्रा पर असर न पड़े।
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वाटर रोटेशन सिस्टम के अलावा इन कुंडों और तालाबों को सजाने संवारने का काम होगा। इसके लिए नगर निगम की ओर सर्वे का काम जारी है। सभी कुंड़ों और तालाबों का सर्वे कराया जा रहा है। तालाब के आसपास बैठने के लिए बेंच लगाए जाएंगे। आकर्षक लाइटिंग के साथ पाथवे का निर्माण कराया जाएगा। शहरी क्षेत्र के आठों जोन में छोटे-बड़े मिलाकर 200 से अधिक तालाब हैं। इसमें अधिकांश तालाबों पर अतिक्रमण है।
कई तालाब का सुंदरीकरण स्मार्ट सिटी योजना के तहत हो रहा है। स्मार्ट सिटी के तहत नदेसर तालाब, पांडेयपुर तालाब, चकरा व सोनभद्र तालाब, चितईपुर तालाब हैं। इन्हें सुंदर बनाया जा रहा है। कई तालाबों पर अतिक्रमण व पक्के निर्माण होने के चलते उनका सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है। इन तालाबों को कब्जे से मुक्त करने के लिए कमेटी गठित है।
अधिकारी बोले
शहर के कुंडों का सुंदरीकरण कार्य कराएगा। दुर्गाकुंड की तर्ज पर अन्य जगहों पर भी फव्वारे लगाए जाएंगे। इससे वाटर रोटेट होगा। -अक्षत वर्मा, नगर आयुक्त