अब वॉकी-टॉकी पर एक बार संदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों को एक बार में संदेश मिल जाता है। पिशाचमोचन के क्षेत्र में कहीं भी यात्री को दिक्कत न हो इसके लिए वायरलेस सेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस समय छह से आठ वायरलेस सेट हैं। इसकी रेंज पिशाचमोचन से लहुराबीर क्षेत्र तक है। हमारे जितने भी कर्मचारी हैं उनको वॉकी-टॉकी के जरिये जरूरी सूचना प्रसारित कर देते हैं।
श्राद्ध और तर्पण के लिए आने वाले यात्रियों को सही समय और सही जगह पहुंचाने के लिए हम लोग वॉकी टॉकी का इस्तेमाल करते हैं। करीब तीन साल से हम वायरलेस का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर हम लोगों को किसी तीर्थ पुरोहित या सेवादार को बुलाना है तो पहले उसका नंबर ढूंढना पड़ता था। फिर नंबर डायल करने के बाद नेटवर्क की समस्या रहती थी।