डीएम पोर्टिको के बाहर जुटे अधिवक्ताओं ने दरोगा और कांस्टेबल से नाम, थाना पूछा। जैसे ही पता चला कि दोनों बड़ागांव थाने से आए हैं, वैसे ही अधिवक्ताओं ने हमला बोल दिया। दरोगा मिथलेश और कांस्टेबल की जमकर पिटाई की। साथ ही दरोगा को पकड़ कर एसीएम प्रथम के चेंबर में ले गए और बंधक बना लिया। बीचबचाव करने वाले एसीएम तृतीय के मोहर्रिर को भी अधिवक्ताओं ने नहीं बख्शा और जमकर पीटा।
कचहरी चौकी से चार पुलिसकर्मी पहुंचे, लेकिन मामले को नहीं संभाल सके। इसके बाद सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। एसीपी कैंट नितिन तनेजा और कैंट इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा फोर्स के साथ कचहरी पहुंच गए।
किसी तरह दरोगा मिथलेश को अधिवक्ताओं के चंगुल से छुड़ाया गया। अधिवक्ताओं की पिटाई से दरोगा को गंभीर चोट आई है। उन्हें पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था शिवहरी मीणा ने आसपास के थानों की फोर्स बुलाई और चारों तरफ से कचहरी को घेर लिया गया। सख्ती से कचहरी परिसर को खाली कराया गया।
बार के पदाधिकारी बोले- हमला करने वाले बाहरी थे
पुलिस के अधिकारियों ने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बात की। बार केदपदाधिकारियों ने पुलिस को बताया कि हमला करने वाले बाहरी थे, जो काला कोट पहनकर आए थे। कचहरी के माहौल को खराब किया गया। ऐसी घटना निंदनीय है।
दरोगा को देख बेसुध हुईं पत्नी
प्रयागराज के फूलपुर तहसील के सर्वाडीह थाना निवासी दरोगा मिथलेश प्रजापति पर हमले की सूचना मिलते ही देर शाम पत्नी बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। पति को देखकर वह बेसुध हो गईं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला। पत्नी ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या बोले अधिकारी
दरोगा और सिपाही पर हमले के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों से हमलावरों की पहचान कराई जा रही है। सेंट्रल और बनारस बार के पदाधिकारियों से कहा गया है कि ऐसे लोगों को चिह्नित कर बार से निष्कासित करें। घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए बार पदाधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक होगी। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी
बार एसोसिएशन से घटना की निंदा की है। इस मामले में प्रभावी कानूनी कार्रवाई होगी। - सत्येंद्र कुमार, डीएम