वाराणसी। बुनकर बिरादराना तंजीम के सरदारों की महापंचायत रविवार को नाटी इमली बुनकर कालोनी में हुई। इसमें बुनकरों का पलायन रोकने और बनारसी वस्त्र कला के संरक्षण के उपायों पर विमर्श हुआ। चार तंजीमों की संयुक्त महापंचायत में सरदारों ने बुनकरों की मजदूरी में 20 प्रतिशत और बनारसी वस्त्रों की कीमतों में 25 प्रतिशत वृद्धि का फैसला हुआ।
महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए तंजीम बाईसी के सरदार इकरामुद्दीन ने कहा कि जरी और धागों की कीमतों में उछाल से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। जिसके चलते बुनकर पलायन को मजबूर हैं। बुनकरों के सामूहिक हितों तथा बनारसी वस्त्र कला का संरक्षण करने के लिए बुनकरों की मजदूरी एवं तैयार माल के दामों में वृद्धि जरूरी हो गया है। महापंचायत में सरदारों ने नई फर्म या अजनबी व्यक्ति को जांच परख के बाद माल बेचने की बात कही। इस दौरान इकरामुद्दीन, हाजी मकबूल हसन, हाजी अली अहमद, हाजी जियाउल हसन, इशरत उस्मानी, अब्दुल्लाह अंसारी, रियाजुद्दीन खान, यासीन फरीदी आदि मौजूद रहे।