छितौना स्थित मां काली मंदिर के पास रविवार को आयोजित एक निजी कार्यक्रम में बिरहा गायक विजय लाल यादव ने कहा कि बिरहा लोकविधा समाज को गहरा संदेश देने का सशक्त माध्यम है। इसमें कथा, साहित्य और जीवन से जुड़ी कहानियों को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है, जिससे श्रोता भाव-विह्वल हो जाते हैं।
विजय लाल यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि भोजपुरी गीतों में फूहड़ता तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि बिरहा में उठान, उतार, सुमिरनी, दादरा, ठुमरी, आल्हा, चैता, फाल्गुनी गीत, लचारी, धोबिया, सोहर, विवाह और देवी गीत जैसी शैलियों के माध्यम से पूरी कहानी को जीवंत रूप दिया जाता है। संवाद