काशी अखाड़ा बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों की महासम्मेलन रविवार ज्वरहारेश्वर मंदिर (जैतपुरा अखाड़ा) में हुई। अखाड़ों की विरासत पर संकट विषयक सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए महामृत्युंजय व्यायामशाला के व्यवस्थापक और पूर्व पार्षद मनोज यादव ने कहा कि काशी में 105 अखाड़े थे लेकिन देखरेख के अभाव में अब सिर्फ 29 ही बचे है। उन्होंने सरकार से अखाड़ों को संरक्षित करने की मांग की। कहा कि काशी में अखाड़ाें की परंपरा की नीव गोस्वामी तुलसीदास ने सदियों पहले रखी थी। यह अखाड़े न केवल पहलवानी की परंपरा को जीवित रखे हुए थे बल्कि युवाओं में खेलों के प्रति आकर्ष भी देते है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों के लिए रणनीति बनाने का गुप्त ठिकाना भी अखाड़े बने। अखाड़ों पर संकट को देखते हुए समाजसेवी विजय यादव, गणेश यादव, अभय यादव, रितिक यादव सहित कई वक्ताओं ने अखाड़ों को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता बताई।