कोपागंज स्थित पशु अस्पताल परिसर में किया गया पौधरोपण।फाइल फोटो
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मऊ। पर्यावरण संरक्षण वर्तमान परिवेश में सबसे बड़ी जरूरत है। इसको लेकर युवाओं और शिक्षित वर्ग का जागरूक होना शुभ संकेत है। ऐसे ही लोगों को जोड़ कर बनाई गई वृक्षाग्रही टीम 2018 से न सिर्फ पौधरोपण कर रही है बल्कि इसके लिए लोगों को जागरूक भी कर रही है। इस ग्रुप से युवाओं के अलावा डाक्टर और पीसीएस अधिकारी भी जुड़े हैं जो हरसंभव सहयोग करते हैं। साथ ही टीम के सदस्य गरीबों की मदद कर अपने सामाजिक सरोकारों का निर्वहन भी करते हैं।
वृक्षाग्रही ग्रुप के संस्थापक कोपागंज निवासी अमित त्रिपाठी हैं। उन्होंने बताया कि अगस्त 2018 में साथी राज पांडेय, हसन अब्बास, रवि चौरसिया के साथ बैठकर पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा कर रहे थे। सभी के सुझाव पर वृक्षाग्रही ग्रुप का गठन किया गया। उसी दिन कोपागंज सीएचसी में एक पौधा लगाकर पौधरोपण की शुरुआत की गई। इसके बाद चार माह में 500 सौ से अधिक पौधे लगाए गए। बताया कि महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि पर पौधे रोपे जाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कोपागंज ब्लाक कार्यालय परिसर में 21 पौधे लगाए गए थे। तीन वर्षों में दो हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
ग्रुप के संस्थापक अमित त्रिपाठी रतनपुरा सीएचसी में एलटी हैं। वे दिव्यांग हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनके अंदर जज्बा है। ग्रुप के सदस्य हसन अहमद लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में मेडिकल आफिसर हैं, जबकि रवि चौरसिया पीसीएस अधिकारी हैं। वहीं राज पांडेय एडवोकेट हैं। बाकी सदस्य शासकीय, प्रोफेशनल जॉब से जुड़े हैं। अमित त्रिपाठी को उत्कृष्ट कार्य के लिए सीएमओ डॉ. सतीश चंद्र सिंह सम्मानित कर चुके हैं।
प्रेरित होकर लोग करते हैं मदद
मऊ। अमित बताते हैं कि शुरुआती दौर में लोगों का सहयोग नहीं मिलता था, लेकिन जब ग्रुप की ओर से लगाए गए पौधे आकार लेने लगे तो लोगों ने सराहना शुरू किया। अब लोग पर्यावरण संरक्षण में साथ भी देते हैं। ग्रुप के सदस्यों के अलावा कोपागंज कस्बे के कई लोग निरंतर पौधरोपण जारी रखे हुए हैं। साथ ही पौधों के लिए लोग आर्थिक सहायता भी करते हैं। इस कार्य में रिश्तेदारों और दोस्त का भी सहयोग मिलता है। बताया कि ग्रुप के सदस्यों ने कोरोना काल में लोगों को कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक किया। जरूरतमंदों की मदद की। ठंड में एक हजार जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए।