इसके चलते जेंडर रेसियो 818 से बढ़कर 819 हुआ। 1506 दिव्यांग मतदाताओं का नाम जुड़वाया गया। 14149 डुप्लीकेट मतदाताओं का नाम हटवाया गया। कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में गठित साक्षरता क्लब के माध्यम से पुनरीक्षण कार्य का प्रचार प्रसार करवाया गया। त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची के लिए 2920 बीएलओ से घर घर सत्यापन कराया गया।