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वाराणसी: भीषण गर्मी की मार से अस्पतालों में बढ़े उल्टी और डायरिया के मरीज, चिकित्सकों के कई पद खाली

Thu, 21 Apr 2022 11:00 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के मंडलीय और जिला अस्पताल में फिजिशियन, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के पद खाली हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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अस्पतालों में वार्ड फुल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गर्मी बढ़ने के साथ ही वाराणसी के अस्पतालों में एलर्जी, पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिस तरह की सुविधाएं मरीजों को मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल पा रही है। मंडलीय, जिला अस्पताल में फिजिशियन, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के पद खाली हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर हीट स्ट्रोक वार्ड भी नहीं है। डिहाइड्रेशन से परेशान मरीजों को एक ही जगह भर्ती करने के साथ ही अन्य सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।

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मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में चिल्ड्रेन वार्ड फुल होने के बाद बच्चों को वार्ड नंबर 12 में भर्ती किया जा रहा है। आधे से अधिक को उल्टी, दस्त, डायरिया की शिकायत है। बीएचयू के बाल रोग विभाग में बुधवार दोपहर पांच बेड वाले पीकू वार्ड में चार पर बच्चे भर्ती थे। वार्ड नंबर 2 में सभी 10 बेड पर बच्चे मिले। जिस तरह से बच्चों की संख्या बढ़ रही है, चिकित्सक अधिक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में डायरिया, डिहाइड्रेशन वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। बाल रोग विभाग, स्किन, ईएनटी डिपार्टमेंट की ओपीडी में भी मरीज अधिक आ रहे हैं। एक सप्ताह पहले तक फिजिशियिन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में 100 मरीज आते थे। वहीं, यह संख्या बढ़कर 120 से 130 तक पहुंच जा रही है।
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40 मरीज पेट संबंधी बीमारी वाले हैं। एसआईसी डॉ. प्रसन्न कुमार ने बताया कि अस्पताल में तीन फिजिशियन और दो चेस्ट फिजिशियन के पद स्वीकृत हैं और सभी खाली हैं। किसी तरह जीरियाट्रिक मेडिसिन के चिकित्सकों से काम लिया जा रहा है। अपर निदेशक से लेकर शासन स्तर तक पत्र लिखा जा चुका है।

दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल

डिहाइड्रेशन और पेट दर्द की शिकायत वाले मरीज अधिक आ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पताल की ओपीडी में करीब 15 से 20 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं। यहां भी फिजिशियन के कुल सात पदों में दो खाली है। अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से वार्ड भी नहीं है। जो पीडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट बनाया गया है, उसमें भी बच्चों की जगह बड़ों को भर्ती किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामकुमार यादव का दावा है कि इमरजेंसी में छह बेड रिजर्व किया गया है, जहां आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।

शास्त्री अस्पताल रामनगर
उल्टी, पेट दर्द, डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के स्वीकृत कुल 32 पद में 13 खाली हैं। चार इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, एक सर्जन नहीं है। फिजिशियन की ओपीडी में आने वाले 80 से 100 मरीजों में एक सप्ताह पहले तक जहां पेट दर्द, डिहाइड्रेशन के 25 से 30 मरीज होते थे, वह बढ़कर 50 तक पहुंच गए हैं। सीएमएस डॉ. अरुण कुमार मौर्या ने बताया कि छह बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड भी बनाया गया है। बच्चों के लिए स्पेशल वार्ड भी बनाया गया है। खाली पदों के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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ये बरतनी होगी सावधानी

  • पूरी बांह का कपड़ा पहनकर निकले।
  • शरीर में पानी की मात्रा को कम न होने दे
  • खुले में रखे फलों का सेवन करने से बचे
  • धूप से घर आने के बाद तुरंत फ्रिज का पानी पीने से बचें।
  • नारियल पानी, शिकंजी, नींबू पानी पीएं।
  • उल्टी या दस्त होने पर केवल ओआरएस का घोल पिलाएं।
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