डिहाइड्रेशन और पेट दर्द की शिकायत वाले मरीज अधिक आ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पताल की ओपीडी में करीब 15 से 20 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं। यहां भी फिजिशियन के कुल सात पदों में दो खाली है। अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से वार्ड भी नहीं है। जो पीडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट बनाया गया है, उसमें भी बच्चों की जगह बड़ों को भर्ती किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामकुमार यादव का दावा है कि इमरजेंसी में छह बेड रिजर्व किया गया है, जहां आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
शास्त्री अस्पताल रामनगर
उल्टी, पेट दर्द, डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के स्वीकृत कुल 32 पद में 13 खाली हैं। चार इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, एक सर्जन नहीं है। फिजिशियन की ओपीडी में आने वाले 80 से 100 मरीजों में एक सप्ताह पहले तक जहां पेट दर्द, डिहाइड्रेशन के 25 से 30 मरीज होते थे, वह बढ़कर 50 तक पहुंच गए हैं। सीएमएस डॉ. अरुण कुमार मौर्या ने बताया कि छह बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड भी बनाया गया है। बच्चों के लिए स्पेशल वार्ड भी बनाया गया है। खाली पदों के लिए अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।