लखनऊ में एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड में बर्खास्त सिपाहियों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाने के आरोप में रविवार को गाजीपुर में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित और 11 को लाइन हाजिर कर दिया गया। मामले की जांच एएसपी ग्रामीण चंद्रप्रकाश शुक्ल को सौंपी गई थी।
पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि कार्रवाई से शासन को अवगत करा दिया गया है। बर्खास्त सिपाहियों के समर्थन में शुक्रवार को जमानिया कोतवाली के पुलिस कर्मियों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया था।
इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीर वायरल होने के साथ ही समाचार पत्रों में फोटो के साथ खबर प्रकाशित हुई थी। इसको शासन ने काफी गंभीरता से लिया। शासन के सख्त तेवर को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने इस मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चंद्रप्रकाश शुक्ल से कराई।
एएसपी चंद्रप्रकाश शुक्ला ने बताया कि जमानिया कोतवाली की तस्वीर में दिख रहे सभी पुलिसकर्मियों का एक-एक कर बयान दर्ज किया गया। इसके बाद इसकी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी दी।
उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया फोटो में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया है। उन्होंने इसकी रिपोर्ट एसपी को सौंप दी है। पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है जबकि 11 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
जमानिया में तैनात शादाब एवं केशव पांडेय को निलंबित किया गया है। उप निरीक्षक रितेश द्विवेदी, हवलदार चिंतामणि तिवारी, अजय वर्मा, अजीत यादव, अभय बिंद, गामा यादव, सत्यप्रकाश यादव, उपेंद्र गोंड़, गोविंद गोंड़ और यूपी-100 के सुनील बिंद एवं सूरज कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है।