पुलिसकर्मियों को यूनियन के लिए गुमराह करने के आरोप में पीएसी के बर्खास्त सिपाही अविनाश पाठक पर बुधवार को रासुका लगा दिया गया। पुलिस की रिपोर्ट पर मिर्जापुर के डीएम अनुराग पटेल ने उस पर रासुका के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
जिले के जिगना थाना क्षेत्र के पटेहरा गांव निवासी पीएसी के बर्खास्त सिपाही अविनाश पाठक पर आरोप है कि गत दिनों लखनऊ में विकास तिवारी की हत्या में दो पुलिस कर्मियों के गिरफ्तार किए जाने की जानकारी होने पर उसने काली पट्टी बांधकर इसका विरोध करने के लिए पुलिस कर्मियों को उकसाया था।
उसने मोबाइल पर मैसेज भेजकर पुलिस कर्मियों को यूनियन के प्रति सक्रिय होने के लिए भी प्रेरित किया था। इसकी जानकारी होने पर प्रदेश सरकार ने उसे बर्खास्त कर दिया उसे जेल भेजने का निर्देश दिया था। तभी से अविनाश जेल में बंद है।
एसपी शालिनी ने बताया कि बर्खास्त सिपाही पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। उस पर पुलिस को यूनियन बनाने के लिए गुमराह करने के अलावा कई और आरोप भी है।