देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने और चातुर्मास के कारण नवंबर में विवाह के मुहूर्त मिलेंगे। नवंबर में सात दिन और दिसंबर में सबसे कम चार दिन का ही विवाह मुहूर्त मिल रहा है। देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने के बाद मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। देवगुरु के अस्त होने के साथ ही आषाढ़ शुक्ल एकादशी छह जुलाई से चातुर्मास आरंभ हो जाएगा और एक नवंबर देवोत्थान एकादशी तक रहेगा।
एक नवंबर के बाद भी देवगुरु बृहस्पति के अस्त होने के कारण शुभ मुहूर्तों का अभाव रहेगा। नवंबर में विवाह के मुहूर्त 21 नवंबर से छह दिसंबर तक मिलेंगे। देवगुरु बृहस्पति 11 दिसंबर को अस्त हो जाएंगे और इसके बाद 2026 में लग्न मुहूर्त शुरू होंगे।
विवाह के मुहूर्त
जनवरी : 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26
फरवरी : 01, 02, 03, 06, 07, 08, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25
मार्च : 01, 02, 03, 05, 06, 07, 11, 13, 14
अप्रैल : 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 25, 29, 30
मई : 01, 05, 06, 07, 08, 09, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 28
जून : 01, 02, 03, 04, 05, 06, 07, 08
जुलाई से 20 नवंबर तक कोई मुहूर्त नहीं
नवंबर : 21, 22, 23, 24, 25, 29 और 30
दिसंबर : 01, 04, 05 और 06