मकर संक्रांति के बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। इस साल विवाह के लिए सिर्फ 19 शुद्ध मुहूर्त मिलेंगे। जनवरी से दिसंबर के बीच में छह महीने सबसे शुद्ध हैं। आइए जानते हैं 2024 में कब-कब विवाह के शुद्ध मुहूर्त हैं।
भगवान सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा। खरमास की समाप्ति के साथ ही शहनाई भी गूंजेगी। 2024 में विवाह के लिए सिर्फ 19 शुद्ध विवाह मुहूर्त मिल रहे हैं। जनवरी से दिसंबर के बीच में छह माह पूरी तरह से शुद्ध होंगे। इसके बीच में पड़ने वाले खरमास में समस्त मांगलिक कार्य पर रोक रहेगी।
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श्री काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी के अनुसार सूर्यदेव 14 जनवरी को अर्द्धरात्रि के पश्चात 2:43 बजे धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद शुभ कार्य आरंभ हो जाएंगे। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी 17 मार्च से चैत्र शुक्ल पंचमी 13 अप्रैल तक खरमास रहेगा। होलाष्टक के समय वैवाहिक शुभ कार्यों का मुहूर्त नहीं रहेगा।
वैशाख कृष्ण पंचमी 29 अप्रैल से आषाढ़ कृष्ण सप्तमी 28 जून तक शुक्र अस्त होने के कारण मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 16 जुलाई से 11 नवंबर हरिशयनी एकादशी तक चातुर्मास के कारण भी मांगलिक कार्य पर विराम रहेगा। इसके बाद 12 नवंबर से 14 दिसंबर तक मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय रहेगा। 15 दिसंबर से खरमास आरंभ हो जाएगा।
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ज्योतिषाचार्य पं. विमल जैन के अनुसार 15 जनवरी से फाल्गुन शुक्ल पक्ष की सप्तमी 16 फरवरी तक समय शुद्ध रहेगा। 14 अप्रैल से 28 अप्रैल, 29 जून से 15 जुलाई और इसके बाद 12 नवंबर से 14 दिसंबर तक समय शुद्ध रहेगा।