दो महीने पहले बाबा विश्वनाथ के बैंक खाते से जारी हुए चेक पर मंदिर के ही अफसरों के हस्ताक्षर पाए गए हैं। इस जानकारी के बाद मामले को दबाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए मामला उजागर होने के बाद तहरीर भी दी गई लेकिन इस प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कहा जा रहा है कि बाबा के खाते से फर्जी चेक जारी करने की यह एक बानगी भर है। जांच की जाए तो इस तरह के कई मामलों का खुलासा हो सकता है।
दो महीने पहले इलाहाबाद बैंक की चौक शाखा के बाबा के खाते से 4.85 लाख रुपये का चेक जारी किया गया था।
जांच के दौरान इस चेक पर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय कुमार अवस्थी और सहायक लेखाधिकारी अभिषेक वर्मा के हस्ताक्षर पाए गए। महाराष्ट्र के नागपुर की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी राजेश एल पांडेय के नाम से जारी किए गए इस चेक पर हस्ताक्षर इन अफसरों के ही हैं या किसी ने बनाए हैं, इसे लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। अफसरों का कहना है कि किसी ने धोखाधड़ी कर चेक अपने नाम से बनवा लिए और उसे भुनाने की कोशिश की गई। नागपुर की जिस बैंक शाखा में राजेश ने इस चेक को भुनाने की कोशिश की, उसमें उसके नाम का खाता भी है।
संयोग था कि चेक विश्वनाथ मंदिर की ओर से जारी होने की वजह से नागपुर की बैंक के प्रबंधक ने जब वाराणसी के संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक से बात कर इसका सत्यापन कराया तब पता चला कि मंदिर प्रशासन की ओर से इस तरह का चेक जारी ही नहीं किया गया है। इसके बाद उस चेक को निरस्त कर दिया गया। फिलहाल अब इस मामले पर परदा डालने की पूरी कोशिशें की जा रही हैं। एक अफसर ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि उस चेक को मंदिर के ही कुछ कर्मचारियों ने बाबा के लिए जमीन खरीदने के नाम पर राजेश एल के नाम से जारी किया था।