गर्डर गंगा में डूब जाने की वजह से सामनेघाट पुल का काम पूरा होने में चार महीने की देर लगेगी। पुल पर यातायात अब दिसंबर के बजाय अगले साल अप्रैल से शुरू हो पाएगा। ये बातें लोक निर्माण राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल ने कहीं। शुक्रवार की रात पुल के निर्माण कार्य के दौरान तीन स्टील गर्डर गिरने की घटना के बाद वे रविवार को मौका मुआयना करने पहुंचे थे। उन्होंने घटना को हादसा बताया और कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे काम में बाधा आई है। घटना का पूरा हाल जानने के बाद उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि गर्डर रखने में चूक हुई, जिसके चलते यह हादसा हो गया। इसकी वजह से पिलर नंबर सात और नौ का कुछ हिस्सा भी टूट गया है। अब इसे दोबारा बनाना होगा। इस वजह से काम में देर होगी। इस पर मंत्री ने कहा कि मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। इसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर अधिकारी जब हादसे से हुए नुकसान और स्टील गर्डर की सही कीमत नहीं बता पाए तो राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई।
बाद में बताया कि हादसे में एक गर्डर टूट गया है, जिसकी कीमत तीन करोड़ रुपये है। इसके अलावा अन्य दो गर्डरों को गंगा से निकाल लिया जाएगा। सुरेंद्र पटेल ने गर्डर का काम देख रही सिकंदराबाद की ग्लोबल स्टील कंपनी के प्रतिनिधि सुरेश कुमार और सेतु निगम के अधिकारियों से कहा कि काम सतर्कता के साथ किया जाए और गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए। गर्डर पानी से निकालने के बजाय नया गर्डर लाया जाए ताकि तेजी से काम पूरा किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने चौकाघाट से लहरतारा तक फोर लेन फ्लाईओवर के विस्तार का काम भी देखा।