इसके साथ शाल्वी सिंह समेत सैकड़ों गांव वासियों पर दर्ज बेबुनियाद और झूठे मुकदमे को वापस लेने की भी मांग की गई। शाल्वी सिंह ने कहा कि - मैं नीट की तैयारी करने वाली एक बेहद सामान्य परिवार की छात्रा हूं। मेरे माता पिता बड़ी मेहनत से मुझे पढ़ा रहे हैं। बिना कोर्ट के आदेश की कोई कॉपी लिए नायब तहसीलदार प्राची केशरवानी कब्जा दिलाने के लिए जबरदस्ती करने लगीं। आदेश की कॉपी मांगने पर वो भड़क गईं और मेरे साथ दुर्व्यवहार किया।