महायज्ञ के लिए 11 टन गाय का देशी घी व हिमालय की दुर्लभ जड़ी-बूटी मंगाई
महायज्ञ के के लिए पथमेडा से भारतीय वेदलक्षणा गाय का शुद्ध बिलौना घी 11 टन, हिमालय के दुर्लभ जड़ी-बूटियों से निर्मित हवन सामग्री 150 टन और 250 टन यज्ञ समिधा के साथ ही साथ, कपूर, माचिस, धूपबत्ती, चम्मच, कटोरी, फल, मिष्ठान्न, सूखा मेवा, मधु, इत्र, नारियल मंगाया गया है। प्रत्येक यजमान को उनके निर्धारित कुंड पर सारी सामग्रियां पैकेट रूप में प्राप्त होंगी। हर कुंड पर प्रसाद के दो-दो पैकेट भी दिए जाएंगे। जिन्हें सभी यजमान अपने घर ले जाएंगे। यजमानों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए सभी ब्लाॅक में कुंड पर आसन और वृद्ध तथा रोगी जनों के लिए कुर्सी के इंतजाम किए गए हैं।
जगमगाता स्वर्वेद महामंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
'अ' अंकित ध्वजा फहराकर होगी समारोह की शुरुआत
विहंगम योग के शताब्दी समारोह की शुरुआत छह दिसंबर को 'अ' अंकित सफेद ध्वजा फहराकर होगी। सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव व संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। सात दिसंबर को 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद महायज्ञ में बतौर मुख्य अतिथि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य कई प्रमुख लोगों की उपस्थिति में प्रातः 8 बजे ध्वजारोहण के साथ झूंसी आश्रम व स्वर्वेद महामंदिर गुरुकुल के विद्वानों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हजारों लोग स्वर्वेद महायज्ञ में अपनी आहुति देंगे। दोनों दिनों शाम चार बजे मंचीय कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों का लोक संगीत, भजन व आचार्य सद्गुरु की अमृतवाणी होगी।