इसके बाद ही उन्हें खाने के लिए दिया जाता है। मगमच्छ, घड़ियाल व मांसाहारी पक्षियों को उबालकर मछली और मांस दिया जा रहा है। साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बुधवार को पूरे परिषर को सेनिटाइज किया गया। इनके स्वास्थ्य परीक्षण समय समय पर चिरईगांव पशु चिकित्साधिकारी से कराया जाता है।
अभी फिलहाल पांच काले हिरन, 125 चीतल, तीन मगरमच्छ, दो घड़ियाल 10 साही, चार इमो पक्षी, सारस सहित कई रंग बिरंगी गौरैया प्रजाति की पक्षी और बकाउ तोता मौजूद हैं। जिनकी हरकतों पर विशेष नजर रखी जा रही है। कोई भी बदलाव होने पर तत्काल मल और लार के जांच का आदेश वनाधिकारी से मिला है