विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार
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विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि 2018 में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा। पदभार ग्रहण करने के बाद गुरुवार को पहली बार बनारस पहुंचे विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष पहले लहरतारा स्थित कबीर दास की जन्मस्थली पर गए, वहां से संत रविदास के मंदिर में दर्शन पूजन किया।
इसके बाद लहुराबीर स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को फैसले के दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। इसके लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं किया जा सकता है। अगस्त या सितंबर में फैसला आने में तेजी आएगी। हम संतों के पास जाएंगे, जो भी उचित कदम होगा, उसे उठाएंगे।
एक सवाल के जवाब में कहा कि मंदिर निर्माण की तारीख तय करना संभव नहीं है। हां यह जरूर है कि 2018 में मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 71 हजार गांवों में एकल विद्यालय चल रहे हैं। इसे आगामी दो साल में एक लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
आगामी सात, आठ और नौ सितंबर को स्वामी विवेकानंद से जुड़े ऐतिहासिक शहर शिकागो में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस होगा। इसमें 60 देशों से 1800 हिंदू नेता आ रहे हैं। श्रीश्री रविशंकर, रामदेव और गायत्री परिवार के लोग सह आयोजक हैं। विश्व के हिंदू नेताओं का सबसे बड़ा जमावड़ा होगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि काशी सांस्कृतिक राजधानी है। इसके विरासत को बचाने में विहिप लगी है। प्रवीण तोगड़िया के सवाल पर कहा कि ईर्ष्या एक व्यक्ति के प्रति, अपनी महत्वाकांक्षा, नकल, आधारित कारक दीर्घकालीन नहीं होते हैं।
रोहिंग्या मुसलमानों पर कहा कि ये संगठित आतंकवादी हैं। इन्होंने सेना और पुलिस पर हमला किया था। इसके लिए गृहमंत्री के पास प्रस्ताव गया है। एनआरसी पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में रजिस्टर बन रहा है।