काशी हिंदू विश्वविद्यालय
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एआरटीओ प्रवर्तन श्यामलाल यादव ने कहा कि बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर और उनके कार्यालय की गाड़ियों पर लाल-नीली बत्ती और हूटर के साथ चलने का कोई शासनादेश नहीं है। ऐसी कोई गाड़ी अगर चल रही है तो वह गलत है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीएचयू चीफ प्रॉक्टर प्रो. अभिमन्यू सिंह ने कहा कि गाड़ियों में फ्लैशर, हूटर लगाने का कोई शासनादेश नहीं है। विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पेट्रोलिंग वाली गाड़ियों में हूटर लगवाया गया है। अगर इससे किसी को परेशानी है तो उसे उतरवा लिया जाएगा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)
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बीएचयू प्रशासन की ओर से गाड़ियों पर फ्लैशर, हूटर लगाकर चलने वाली गाड़ियों के बारे में चुरामनपुर भुल्लनपुर निवासी शिशिर मिश्रा ने 13 जून को आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी। 19 जून को कुलसचिव कार्यालय के संपदा कार्यालय की ओर से दिए गए जवाब में सही जानकारी नहीं दी गई। इसमें यह लिखा है कि बीएचयू प्रशासन का कोई भी वाहन नीली एवं लाल बत्ती और साइरन युक्त नहीं है। जबकि शनिवार की रात को ही परिसर में मुख्यद्वार से अंदर जाती सायरन और लाल-नीली बत्ती वाली गाड़ी का वीडियो बनाकर इसकी टि्वटर पर शिकायत की गई है।