फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नियम रहे 'कराह': BHU कैंपस में पुलिसिया अंदाज में दौड़ रहीं हूटर-फ्लैशर लगी गाड़ियां, यूपी पुलिस से शिकायत

Mon, 26 Jun 2023 11:53 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाहनों में हूटर-फ्लैशर या सायरन लगाने के नियम महामना की बगिया (बीएचयू) में दम तोड़ रहे हैं। इन दिनों बीएचयू परिसर में चीफ प्रॉक्टर ऑफिस की हूटर, फ्लैशर (लाल-नीली बत्ती) लगी गाड़ियां पुलिसिया अंदाज में खूब दौड़ रही हैं। 
विज्ञापन
बीएचयू कैंपस में पुलिसिया अंदाज में दौड़ रहीं हूटर-फ्लैशर लगी गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में चीफ प्रॉक्टर ऑफिस की हूटर, फ्लैशर (लाल-नीली बत्ती) लगी गाड़ियां पुलिसिया अंदाज में खूब दौड़ रही हैं। दिन हो या रात सुरक्षाकर्मी इन गाड़ियों से हूटर बजाकर दौड़ते नजर आ जाएंगे। छात्रों ने ट्विटर के माध्यम से इसकी शिकायत यूपी पुलिस से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। यूपी पुलिस ने वाराणसी पुलिस को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कायम करने के उद्देश्य 900 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें पूर्व सैनिकों के साथ ही अलग से निजी सुरक्षा कंपनियों के माध्यम से भी सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय का अपना खुफिया विभाग भी है।

इसमें शामिल लोग परिसर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हैं। ट्विटर पर शिकायत के बाद यूपी पुलिस की तरफ से मामले की जांच की जिम्मेदारी भी वाराणसी पुलिस को सौंपी गई है। इस बारे में एसीपी भेलूपुर प्रवीण सिंह ने नियमानुसार जांच की बात कही है।
विज्ञापन

ये भी पढ़ें: बीएचयू आईआईटी के शोध छात्र ने की खुदकुशी, पिछले साल हुई थी शादी, बंद होने वाली थी फेलोशिप

नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

काशी हिंदू विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
एआरटीओ प्रवर्तन श्यामलाल यादव ने कहा कि बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर और उनके कार्यालय की गाड़ियों पर लाल-नीली बत्ती और हूटर के साथ चलने का कोई शासनादेश नहीं है। ऐसी कोई गाड़ी अगर चल रही है तो वह गलत है। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

 चीफ प्रॉक्टर ने बताया गाड़ियों में फ्लैशर लगाने का कारण

बीएचयू चीफ प्रॉक्टर प्रो. अभिमन्यू सिंह ने कहा कि  गाड़ियों में फ्लैशर, हूटर लगाने का कोई शासनादेश नहीं है। विश्वविद्यालय परिसर में शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पेट्रोलिंग वाली गाड़ियों में हूटर लगवाया गया है। अगर इससे किसी को परेशानी है तो उसे उतरवा लिया जाएगा। 
विज्ञापन

आरटीआई में भी दिया गलत जवाब

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) - फोटो : अमर उजाला
बीएचयू प्रशासन की ओर से गाड़ियों पर फ्लैशर, हूटर लगाकर चलने वाली गाड़ियों के बारे में चुरामनपुर भुल्लनपुर निवासी शिशिर मिश्रा ने 13 जून को आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी। 19 जून को कुलसचिव कार्यालय के संपदा कार्यालय की ओर से दिए गए जवाब में सही जानकारी नहीं दी गई। इसमें यह लिखा है कि बीएचयू प्रशासन का कोई भी वाहन नीली एवं लाल बत्ती और साइरन युक्त नहीं है। जबकि शनिवार की रात को ही परिसर में मुख्यद्वार से अंदर जाती सायरन और लाल-नीली बत्ती वाली गाड़ी का वीडियो बनाकर इसकी टि्वटर पर शिकायत की गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें