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Sawan 2023: काशी विश्वनाध धाम में टूट सकते हैं अब तक के सारे रिकॉर्ड, ये संयोग है इस बार बेहद खास

Mon, 26 Jun 2023 11:25 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Sawan 2023: सावन में श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए पूर्वांचल ही नहीं आसपास के प्रदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार दो महीने का सावन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा होने की संभावना है। 
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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सावन में बाबा विश्वनाथ धाम भक्तों से बम-बम रहेगा। पूरे सावन माह शिव की नगरी बोल-बम के जयकारे से गूंजती रहेगी। अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस बार सावन में सवा करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन इसकी तैयारियों में जुटा है। भीड़ प्रबंधन के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं।

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चार जुलाई से शुरू हो रहे सावन के महीने में श्री काशी विश्वनाथ धाम में शिवभक्तों का रेला उमड़ेगा। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस बार दो महीने का सावन होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा होने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है।
ये भी पढ़ें: बाबा विश्वनाथ का सुगम दर्शन और भोग-आरती क्यों हुआ महंगा? जानिए मंदिर प्रशासन का पक्ष

मंदिर में चारों द्वार से श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास

श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए पूर्वांचल ही नहीं आसपास के प्रदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। सबसे अधिक भीड़ कांवरियों की होती है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए इस बार भी मंदिर की ओर से बाबा विश्वनाथ के झांकी दर्शन का इंतजाम किया जा रहा है। मंदिर के चारों दरवाजे पर लगाए गए पात्र से ही श्रद्धालु बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे।

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मंदिर में चारों द्वार से श्रद्धालुओं का प्रवेश और निकास होगा। जिस द्वार से श्रद्धालु प्रवेश करेंगे उसी रास्ते से उनकी वापसी करेंगे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय का कहना है कि अधिमास और सावन का संयोग इस बार श्रद्धालुओं पर भगवान शिव की कृपा बरसाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सावन में झांकी दर्शन की व्यवस्था रहेगी। आठ सोमवार और दो पूर्णिमा पर बाबा विश्वनाथ का अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार भी किया जाएगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी  सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि  मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी से ज्यादा रहने का अनुमान है। इसके अनुसार ही तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

गंगा द्वार पर होंगे खास इंतजाम

सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद पिछले साल गंगा द्वार से श्रद्धालुओं को सावन में प्रवेश दिया गया था। मंदिर में जाने वाले तीनों द्वार से ज्यादा भीड़ गंगा द्वार पर ही थी। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु जल लेकर सीधे गंगा द्वार से धाम में प्रवेश के लिए कतारबद्ध हो रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार गंगा द्वार पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खास इंतजाम किए जाएंगे। मंदिर के सेवादारों के साथ ही एनडीआरएफ की टीम, पुलिस व पीएसी की अतिरिक्त तैनाती रहेगी।

कांवरियों के लिए आरक्षित रहेगी एक लेन, शुरू होंगे कांवरिया शिविर

सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
सावन के महीने में प्रयागराज से वाराणसी आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की एक लेन कांवरियों के लिए आरक्षित रहेगी। वहीं शहर में भी जगह-जगह मंदिर की जानकारी के लिए बारकोड लगाने की तैयारियां चल रही हैं। कांवरिया शिविर भी कांवरिया मार्ग पर लगाने के लिए संस्थाओं की ओर से तैयारी शुरू हो गई है। मोहनसराय से लेकर गोदौलिया तक जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं की ओर से कांवरियों की सेवा के लिए शिविर लगाए जाते हैं।
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पिछले साल के आंकड़े

- पिछले साल 50 लाख से अधिक शिवभक्तों ने किया था सावन में दर्शन
- पिछले साल सावन के पहले सोमवार आए थे छह लाख श्रद्धालु
- इस बार यह आंकड़ा पहुंच सकता है 1.25 करोड़ से ज्यादा
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