वीडीए शनिवार यानी आज से शहर में ट्रांसफर डेवलपमेंट राइट (टीडीआर) लागू कर रहा है। इसका सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा जिनकी जमीन ग्रीन बेल्ट घोषित हो चुकी है या जमीन का कोई छोटा हिस्सा ऐसी जगह फंस गया है, जहां कोई निर्माण नहीं हो सकता। आज से ऐसी जमीन के बदले वह वीडीए से फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) ले सकेंगे और उसे किसी भी बिल्डर को उचित दामों पर बेच सकेंगे।
यह सारी प्रक्रिया वीडीए के माध्यम से होगी। इस समय शहर में करीब 90 हेक्टेयर ऐसी जमीन है। यानी इसका एफएआर लेकर बिल्डर करीब दो हजार से अधिक फ्लैट बना सकेंगे। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग ने बताया कि महायोजना के तहत शहर में पार्क, सड़कों व अन्य जन सुविधाओं के लिए जमीन आरक्षित की जाती है। इन प्रोजेक्ट के बीच कुछ जमीन को ग्रीन बेल्ट भी घोषित किया जाता है। ऐसे में उस जमीन पर भू-स्वामी निर्माण नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, टीडीआर नीति के तहत रास्ते या किसी भी प्रोजेक्ट के बीच में आ रही जमीन को प्राधिकरण लेगा और उसके बदले में किसानों को फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) एफएआर का सर्टिफिकेट व बांड देगा, जिसके आधार पर वह एफएआर को बाजार में बिल्डर को बेचकर नकद पैसा ले सकेंगे। यह एफएआर किस-किस क्षेत्र में बेचा जा सकेगा। बाॅन्ड या सर्टिफिकेट में यह बात स्पष्ट रूप से दर्ज होगी। ट्रांसफर डेवलपमेंट राइट नीति अटकी योजनाओं को पूरा करने के लिए काफी कारगर होगी।
ऐसे समझिए एफएआर को
फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) किसी भूखंड के कुल क्षेत्रफल के कुल निर्मित क्षेत्र का अनुपात होता है। उदाहरण के रूप में कोई भूखंड 100 वर्गमीटर का है और उस पर 1.5 एफएआर के तहत निर्माण मान्य है तो कुल 150 वर्गमीटर क्षेत्र में ही निर्माण किया जा सकता है।
क्रेडाई ने टीडीआर को बताया बड़ी उपलब्धि
वीडीए में शुक्रवार को वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) के संबंध में क्रेडाई टीम के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। क्रेडाई पूर्वांचल की टीम ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। इस मौके पर पूर्वांचल रियल एस्टेट एसोसिएशन के चेयरमैन आरसी जैन, संरक्षक अनुज डिडवानिया, अध्यक्ष आकाश दीप, महासचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा मौजूद रहे।