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मगन हुई काशी: बाबा विश्वनाथ के भाल सजा तिलक का गुलाल, अब परवान चढे़ंगी फागुन की तैयारियां

Sat, 05 Feb 2022 01:44 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वसंत पंचमी के अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ का तिलकोत्सव मनाया गया। टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर परंपरानुसार रस्में पूरी हुईं। लोकमान्यता है कि महाशिवरात्रि पर शिव विवाह के पूर्व वसंत पंचमी पर भगवान शिव का तिलकोत्सव हुआ था।
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महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ का तिलकोत्सव शुरू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वसंत पंचमी पर श्री काशी विश्वनाथ के तिलकोत्सव की साक्षी बनकर काशी की जनता धन्य हो गई। शुभ मुहूर्त में बाबा के भाल जब तिलक का गुलाल सजा तो हर-हर महादेव के जयघोष से महंत आवास व टेढ़ीनीम की गली भी गुंजायमान हो उठी। श्री आदि विश्वेश्वर के तिलकोत्सव के साथ ही काशी में फागुन की तैयारियां भी अब परवान चढे़ंगी।

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शनिवार की शाम को श्री काशी विश्वनाथ का तिलकोत्सव टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर विधि-विधान से संपन्न हुआ। बाबा के तिलकोत्सव के लिए महंत आवास कैलाश में परिवर्तित हो गया। सायं सात बजे जालान परिवार की अगुवाई में तिलक की रस्म पूरी की गई। शहनाई की मंगल ध्वनि और डमरुओं के निनाद के बीच तिलकोत्सव की बधइया यात्रा निकली। सात थाल में तिलक की सामग्री लेकर जालान परिवार इस शोभायात्रा का हिस्सा बना।

थालों में बाबा के लिए वस्त्र, सोने की चेन, सोने की गिन्नी, चांदी के नारियल सजा कर रखे गए थे। लोकाचार के अनुसार दूल्हे के लिए घड़ी और कलम के सेट भी एक थाल में सजाए गए थे। काशीवासियों की भीड़ के साथ दशाश्वमेध मुख्य मार्ग से टेढ़ीनीम स्थित जालान गेस्ट हाउस तक पहुंची। यहां पहुंचने पर महंत परिवार ने उनकी अगवानी की। कन्या पक्ष की ओर से केशव जालान, किशन जालान के सदस्यों ने तिलकोत्सव की रस्म पूरी की। पूजन का विधान संजीव रत्न मिश्र ने संपादित किया।

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सुबह से ही शुरू हो गईं थीं रस्में

बाबा विश्वनाथ की आरती - फोटो : फाइल
वसंत पंचमी की तिथि पर भोर से ही बाबा विश्वनाथ के तिलक का उत्सव टेढ़ीनीम स्थित विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर आरंभ हुआ। भोर में चार से 04:30 बजे तक बाबा विश्वनाथ की पंचबदन रजत मूर्ति की मंगला आरती उतारी गई। 06 से 08 बजे तक ब्राह्मणों द्वारा चारों वेदों की ऋचाओं के पाठ के साथ बाबा का दुग्धाभिषेक किया गया।

सुबह 8:15 बजे से बाबा को फलाहार का भोग अर्पित किया गया। उसके उपरांत पांच वैदिक ब्राह्मणों ने पांच प्रकार के फ लों के रस से रुद्राभिषेक किया। 02:30 से 04:45 बजे तक शृंगार के लिए कक्ष के पट बंद कर दिए गए।। 
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भक्तों ने बाबा का दूल्हा रूप में किया दर्शन

बाबा विश्वनाथ के पंचबदन रजत प्रतिमा का संजीव रत्न मिश्र व वाचस्पति तिवारी ने दूल्हा के रूप में शृंगार किया। संध्या आरती एवं भोग के बाद सायं पांच बजे से भक्तों के दर्शन के लिए पट खोल दिए गए। भक्तों ने बाबा के दूल्हा स्वरूप में दर्शन किए। तिलकोत्सव के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।

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गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने किया पंचमी का स्नान

वसंत पंचमी पर काशी में बाबा दरबार से लेकर गंगा के घाट तक श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। शनिवार को पंचमी का स्नान करने के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं ने गंगा तट का रुख कर लिया था। स्नान के बाद श्रद्धालु दर्शन के लिए बाबा दरबार भी पहुंचे।

भगवान भास्कर के उदीयमान होते ही गंगा तट पर आस्थावानों का हुजूम उमड़ पड़ा। गंगा के सभी प्रमुख घाटों पर स्नान के लिए लोग पहुंचते रहे। हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं का रेला बाबा दरबार में भी उमड़ा। आस्थावानों ने गंगा गोमती संगम कैथी में भी स्नान कर मार्कंडेय महादेव का दर्शन पूजन किया।
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