हालांकि रेलवे ने चौकाघाट रेलवे लाइन के नीचे से पाइप लाइन डालने पर सहमति दे दी है। नदी के दोनों किनारे पर पाथवे का निर्माण भी अंतिम चरण में है। इस परियोजना को अगस्त में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अतिक्रमण करने वालों पर वीडीए मौन
वरुणा कॉरिडोर के निर्माण के दौरान ही विकास प्राधिकरण ने कारिडोर के दोनों ओर 762 अतिक्रमण चिह्नित किए थे। इनमें 14 बड़े होटल व भवन हैं, मगर इन पर महज नोटिस तक की कार्रवाई की गई। इसके बाद अतिक्रमण करने वालों की फाइल वीडीए में दबा दी गई। उधर, इस परियोजना में लापरवाही पर मुख्य अभियंता और दो इंजीनियर्स को भी संस्पेंड किया जा चुका है।
ई रिक्शा कॉरिडोर की भी योजना
वरुणा कॉरिडोर के पॉथवे को वीडीए शहर के वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना में है। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से पॉथवे को ई रिक्शा कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस रास्ते को कचहरी से वाराणसी सिटी स्टेशन तक का दो पहिया और तीन पहिया के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इस परियोजना को सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
एक नजर में वरुणा कॉरिडोर
- सिंचाई विभाग की देखरेख में वरुणा कारिडोर का निर्माण यूपीपीसीएल करा रही है
- 10 महीनों में पूर्ण होने वाली योजना की देरी से 20 फीसदी बढ़ी लागत
- वर्ष 2021 में लोकार्पण की थी तैयारी, मगर काम पूरा नहीं होने से अंतिम समय में रोका गया
- वरुणा नदी के अस्तित्व को बचाने में बड़ा कारगर कदम साबित हो सकता है कॉरिडोर
अगस्त में पूरा होने वाले कामों की समीक्षा कराई जा रही है। वरुणा चैनलाइजेशन में चौकाघाट के पास रेलवे की सहमति के बाद काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। - कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी