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वरुण बोले, शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाए सरकार

Sun, 28 Feb 2016 02:00 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
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भाजपा के फायर ब्रांड नेता और सांसद वरुण गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में सरकार को अपनी भूमिका बढ़ानी चाहिए। आज भी गरीब परिवार के बच्चों को निजी संस्थाओं में दाखिला केवल इसलिए नहीं मिल पाता क्यों कि वे महंगी फीस अदा नहीं कर सकते।
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निजी कालेजों, प्रौद्योगिकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों का विकास होना चाहिए लेकिन जरूरी यह भी है कि गरीब परिवारों की मेधा को भी पढ़ने का समान अवसर उपलब्ध कराया जाए। शनिवार को वरुण यहां पहड़िया स्थित अशोका इंस्टीट्यूट के पहले दीक्षांत समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार को अपनी भूमिका बढ़ानी होगी।

व्यवस्था में सुधार करना होगा। निजी शिक्षण संस्थानों का विकास अच्छी बात है लेकिन सोचने की बात यह है कि एक गरीब का बेटा इन संस्थानों में आखिर क्यों नहीं आ पाता। समाज का जो अंतिम व्यक्ति है, हम उसके बारे में नहीं भूल सकते हैं। अगर यह सोचें कि हर चीज में निजीकरण लाना है, तो यह अच्छी बात नहीं है। लेकिन, शिक्षा और चिकित्सा में सरकार को अपनी भूमिका बढ़ानी ही होगी।
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कहा कि आज जीडीपी का तीन प्रतिशत शिक्षा और दो प्रतिशत चिकित्सा पर खर्च हो रहा है। जब जीडीपी का दस प्रतिशत शिक्षा और आठ प्रतिशत चिकित्सा पर खर्च हो तभी गरीब परिवारों के साथ न्याय हो पाएगा। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि बेरोजगारी दूर करने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष होना बहुत जरूरी है। इसके लिए जिलेवार डाटाबेस तैयार कराने की सलाह दी।

बतौर विशिष्ट अतिथि यूपीटीयू के पूर्व कुलपति प्रो. आरके खंडाल ने कहा कि युवाओं पर ही देश का भविष्य टिका है। ऐसे में इन्हें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सजगता पूर्वक करने के लिए तत्पर रहना होगा। उन्होंने मेधावियों को बधाई भी दी। कार्यक्रम में संस्था के चेयरमैन अंकित मौर्य, वाइस चेयरमैन अमित मौर्य, डॉ. अनुराग मिश्र, प्रो. पीएस दूबे  सहित कई लोग मौजूद रहे।
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