वाराणसी शहर के 22 प्रभावित वार्डों में 2161 करोड़ रुपये से होने वाले सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के काम की अब सीसी कैमरों से निगरानी होगी। कार्यस्थलों पर लगाए जाने वाले कैमरे स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम और नगर निगम मुख्यालय से सीधे जुड़े रहेंगे। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने मंगलवार को समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्थाओं को पारदर्शिता के साथ काम कराने और लापरवाही पर सख्ती के निर्देश दिए।
सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय में मंगलवार को हुई बैठक में मेयर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेयर ने निर्देश दिए कि जिन-जिन स्थानों पर सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम होगा, वहां सीसी कैमरे लगाए जाएं।
इन कैमरों को स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम और नगर निगम मुख्यालय से सीधे जोड़ा जाएगा, ताकि कार्य की प्रगति और मौके की स्थिति पर नजर रखी जा सके। जल निगम को मेन लाइन और ब्रांच लाइन के काम का पूरा विवरण, प्रतिदिन का लक्ष्य और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
चार वार्डों में आज से काम
मेयर ने जल निगम को जंगमबाड़ी, शिवाला, नगवां और बंगाली टोला वार्ड में बुधवार से सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम हर हाल में शुरू करने के निर्देश दिए। इन वार्डों में भूमिपूजन पहले ही हो चुका है। 2161 करोड़ रुपये की इस महापरियोजना के तहत शहर के प्रभावित इलाकों में 353.13 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी है।
अगले चरण में छह वार्डों में भूमि पूजन का कार्यक्रम तय किया गया है। 20 सितंबर को सरायनंदन और बिरदोपुर, 21 सितंबर को भेलूपुर और दुर्गाकुंड और 22 सितंबर को नारियां और जोल्हा उत्तरी वार्ड में भूमिपूजन होगा। बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, पार्षद मदन मोहन तिवारी, विजय द्विवेदी, अतुल पांडेय, रविंद्र कुमार सिंह, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, ओपी सिंह तथा जल निगम के अधिशासी अभियंता कमल सिंह और बृजेश मौर्य आदि मौजूद रहे।