काउंटर पर चस्पा की दवाओं की सूची
अस्पताल के दवा काउंटर पर उपलब्ध दवाओं की सूची चस्पा की गई है। सूची में 14 दवाओं के नाम दर्ज हैं, लेकिन इनमें से दो नाम काट दिए गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार वर्तमान में सिर्फ 12 दवाएं ही उपलब्ध हैं। मरीज जब डॉक्टर का पर्चा लेकर काउंटर पर पहुंचते हैं तो उपलब्ध दवाओं की सूची देखकर उन्हें शेष दवाएं बाहर से खरीदने की सलाह दी जाती है। दवा काउंटर पर पांच कर्मचारियों की ड्यूटी है। वे मरीजों को उपलब्ध दवाओं की सूची दिखाकर स्थिति की जानकारी दे रहे हैं। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं, नेत्र रोगियों और अन्य जटिल बीमारियों से जुड़ी कई जरूरी आयुर्वेदिक औषधियां भी उपलब्ध नहीं हैं।
केस-1
चंदौली के 45 वर्षीय रामनरेश गिरी आंख में संक्रमण की समस्या लेकर अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सक ने उन्हें तीन दवाएं लिखीं। दवा काउंटर पर पहुंचे तो इनमें से कोई दवा उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद उन्हें बाहर की दुकान से दवा खरीदनी पड़ी।
केस-2
जौनपुर के पुत्तूलाल यादव त्वचा संबंधी समस्या का उपचार कराने अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने दवा लिखी, लेकिन काउंटर से केवल एक दवा मिल सकी। बाकी दवाएं उन्हें बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ीं।
सितंबर में फिलहाल यही दवाएं उपलब्ध
अस्पताल में सितंबर के लिए चस्पा की गई उपलब्ध दवाओं की सूची के अनुसार इस समय हरीतकी चूर्ण, विभीतकी चूर्ण, आमलकी चूर्ण, षटसकार चूर्ण, पंचकोल चूर्ण, कफकेतु रस, शुद्ध नरसार, कुट जत्वक चूर्ण, आयुष क्वाथ, नीम चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण और अभयारिष्ट उपलब्ध हैं। इनमें नीम चूर्ण त्वचा संबंधी समस्याओं में, पंचकोल चूर्ण भूख बढ़ाने में और हरीतकी, विभीतकी व आमलकी चूर्ण पेट साफ करने तथा कब्ज जैसी समस्याओं में उपयोग किए जाते हैं।
अस्पताल में इस समय कुछ दवाओं की कमी है। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए जरूरी दवाएं मंगाई जा रही हैं। अस्पताल में नई फार्मेसी भी बनाई जानी है। इसके बाद दवाओं का संकट दूर हो जाएगा। -प्रो. डीके मौर्य, प्रधानाचार्य, राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, चौकाघाट