पीड़ित परिवार ने बताया कि लगभग दो दर्जन से ज्यादा बार पुलिस से शिकायत कर चुके है। पुलिस, क्राइम, अपराध समेत कई विभागों ने मामले की जांच के लिए शिकायती पत्र दे चुके है। पुलिस विभाग ने हर बार इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
पुलिस के ढीले रवैये से परेशान हो कर सरोजा देवी ने उत्तर प्रदेश पुलिस के टि्वटर एकाउंट पर लिखा कि मेरा पुलिस के ऊपर से विश्वास उठ गया है। इसलिए मुझे पुलिस प्रशासन से चोलापुर थाने में परिवार के साथ आत्मदाह करने की अनुमति दी जाए।
इसके बाद से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। यूपी पुलिस ने तुरंत वाराणसी पुलिस के साथ ही वाराणसी के आईजी रेंज और एडीजी जोन से मामला संज्ञान में लेने के लिए कहा। साथ ही कार्यवाही के लिए भी निर्देशित किया। इसके बाद वाराणसी पुलिस ने चोलापुर पुलिस को मामले की छानबीन कर के कार्यवाही करने के लिए कहा है।
इस संबंध में चोलापुर पुलिस ने कहा कि शिकायतकर्ता मुंबई में रहता है। वह लगातार झूठी शिकायत कर रहा है। इस मामले में कई विभाग अपनी जांच रिपोर्ट भी दे चुके हैं। शिकायतकर्ता जिन्हें आरोपित कर रहा है उनसे उसका भूमि विवाद चल रहा है। इस मामले में पुलिस अपनी विधिक कार्रवाई कर चुकी है।
शिकायतकर्ता मुंबई से आरोप लगाता है और जब उसे थाने बुलाया जाता है तो वह नहीं आता है। वहीं सरोजा देवी के द्वारा आत्मदाह करने की बात पर क्षेत्राधिकारी पिण्डरा ने बताया कि ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है।