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मोबाइल की रोशनी में सर्जरी पर सवाल, जवाब का इंतजार

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वाराणसी। बीएचयू के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में सोमवार को मोबाइल की रोशनी में सर्जरी करने के मामले में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। संकाय प्रमुख ने जहां पहले से ही बिजली कटौती होने के नोटिस का हवाला दिया है, वहीं सवाल उठ रहा है कि अगर सर्जरी करना जरूरी था तो जेनरेटर क्यों नहीं चलाया गया। उधर, अमर उजाला में खबर छपने के बाद ही आईएमएस निदेशक ने संकाय प्रमुख से जानकारी तलब की थी। इस पर बुधवार को संकाय प्रमुख ने होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी।
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दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में सोमवार की सुबह एक मरीज की सर्जरी चिकित्सकों ने मोबाइल की रोशनी में की थी। इसकी खबर अमर उजाला के अंक में मंगलवार को छपने के बाद जांच शुरू हो गई है। मामले में संकाय प्रमुख प्रो. विनय कुमार श्रीवास्तव ने कुछ चिकित्सकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। अभी चिकित्सकों ने जवाब नहीं दिया है। लेकिन कई ऐसे सवाल हैं, जिसका जवाब मिलना बाकी है।
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इन सवालों का मिलना है जवाब
-15 मार्च की सुबह बिजली कटने की पहले से सूचना होने के बाद भी सर्जरी कैसे की गई।
- इसकी सूचना संकाय प्रमुख कार्यालय को पहले थी कि नहीं।
- अगर मरीज की सर्जरी जरूरी थी तो जेनरेटर क्यों नहीं चलवाया गया।
- जब तीन मार्च को ही बीएचयू प्रशासन की ओर से 15 मार्च की बिजली कटौती का आदेश जारी किया गया था तो इस तरह की स्थिति क्यों उत्पन्न हुई।
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पहले ही दी गई थी जानकारी: बीएचयू प्रशासन
इस मामले में बुधवार को बीएचयू प्रशासन ने सफाई दी। पीआरओ ने सफाई में कहा है कि संकाय प्रमुख प्रो. विनय श्रीवास्तव के अनुसार, 15 मार्च को बिजली कटौती की सूचना सभी को दी गई थी। ऐसे में किन परिस्थितियों में ऑपरेशन थियेटर को संचालित किया गया, यह जांच का विषय है। जांच समिति का गठन कर दिया गया है। पीआरओ ने बताया कि संकाय प्रमुख के अनुसार, मरीज़ सुरक्षित है। कठिन परिस्थितियों में भी चिकित्सकों ने धैर्य का परिचय दिया है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इस बारे में संबंधित चिकित्सकों से भी जवाब मांगा गया है।
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बोले आईएमएस निदेशक : जांच रिपोर्ट का इंतजार
इस प्रकरण पर आईएमएस निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने बताया कि बुधवार को संकाय प्रमुख ने उनसे मुलाकात कर प्रकरण की जानकारी दी। इसमें उन्होंने पहले से बिजली कटौती होने की जानकारी दी। इसके अलावा जांच समिति गठित होने और चिकित्सकों से जवाब मांगे जाने की बात भी बताई है। निदेशक ने बताया कि संकाय प्रमुख की ओर से जांच रिपोर्ट का इंतजार है, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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