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काशी के सबसे बड़े मुद्दे पर संवाद: जापानी थ्योरी से बनारस की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारेगी पुलिस, इनसे लेंगे सुझाव

Sun, 14 Apr 2024 09:34 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी शहर का सबसे बड़ा मुद्दा जाम है। ऐसे में अमर उजाला कार्यालय में संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रबुद्धजनों ने समस्याएं बताईं। जिसके बाद पुलिस आयुक्त ने समाधान का भरोसा दिलाया। इस समस्या के समाधान के लिए अवैध कट बंद होंगे। वहीं अब ई-रिक्शा चालकों की मनमानी नहीं चलेगी।
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अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी शहर की यातायात व्यवस्था ठीक रहे और आमजन को दिक्कत न हो। एंबुलेंस और स्कूली वाहन जाम में न फंसे। अवैध कट न खोले जाएं, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके। यातायात व्यवस्था से संबंधित ऐसे तमाम मुद्दों को लेकर शनिवार को चांदपुर औद्योगिक आस्थान स्थित अमर उजाला कार्यालय में संवाद का आयोजन किया गया।

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पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय के सामने शहर के प्रबुद्धजनों ने समस्याएं बताईं और सुझाव भी दिए। पुलिस आयुक्त ने भरोसा दिया कि शहर के लोगों के सहयोग से वह सभी चौराहों से जाम की समस्या खत्म कराने का हरसंभव प्रयास करेंगे।

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समस्याएं बताईं, सुझाव भी दिए
एक ग्रीन कॉरिडोर बनाए जाने की जरूरत है। बाबतपुर से वाया कैंट बीएचयू गेट और महमूरगंज से रथयात्रा, आरपी घाट तक। कुछ सड़कों पर ई-रिक्शा पूरी तरह से बंद किए जाएं। रविदास गेट चौराहे पर फुट ओवरब्रिज बनाया जाना चाहिए। -प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र, महंत, संकटमोचन मंदिर

कचहरी के पास सड़कों पर कई लेन तक वाहन लगे रहते हैं। इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। आम लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। ठेला वाले भी तीन-चौथाई सड़क को घेरे हुए हैं। यहां कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है। -प्रो. नागेंद्र पांडेय, अध्यक्ष, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास

30 फुट की चौड़ी सड़क पर 200 से अधिक बरात घर बने हुए हैं। बीएचयू आने वाली सड़कों पर यातायात का दबाव है। लंका से बीएचयू तक पहले कट नहीं था। अब खुल गया है। जरूरी यह है कि पॉलिसी अच्छी बने और किसी के लिए बदली न जाए। -प्रो. सौरभ सिंह, प्रभारी बीएचयू ट्रॉमा सेंटर

शहर में कई मुख्य सड़कों पर कट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में लोग गलत साइड से जाकर निकल रहे हैं। चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें भी खराब हैं। विद्यालयों से 50 मीटर पर शराब की दुकानें हैं। शिकायत के बाद भी बंद नहीं हो रही हैं। स्कूली बस जाम में फंसती है तो परेशानी बढ़ती है। -राहुल सिंह, सचिव, स्वामी अतुलानंद रचना परिषद


हाईवे की ओर से आने वाले बड़े वाहनों (बस, ट्रक) को मंडुवाडीह की तरफ आने से रोका जाना चाहिए। जो लोग सड़क किनारे वाहन खड़ा करके छोड़ देते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। जिधर ट्रैफिक अधिक हो, उधर की लाइट की टाइमिंग अधिक होनी चाहिए। -अनुपम देवा, आईआईए

ई-रिक्शा बड़ी समस्या हैं। इनके लिए ग्रीन जोन, रेड जोन और येलो जोन में बांटकर चलाया जाना चाहिए। बनाए जा रहे डिवाइडर बहुत चौड़े हैं। चौराहों का नए सिरे से नवीनीकरण होना चाहिए, प्रशासन कहे तो यह काम हम व्यापारी ही कर देंगे। -राजीव गुप्ता, कारोबारी

चालान का डर लोगों में नहीं है। यही कारण है कि बाजार में कहीं भी कोई भी गाड़ी खड़ी करके चला जाता है। चालान होने चाहिए। स्कूली बसों को भी एंबुलेंस की तरह प्राथमिकता में जाम से निकाला जाना चाहिए। वीआईपी मूवमेंट में ऐसी व्यवस्था हो कि शहर जाम न हो। -रिंकी अग्रवाल

सड़कों के चौड़ीकरण का काम जरूरी है। मैदागिन पर हमेशा जाम रहता है। आमजन तो ऐसे ही घूमते रहेंगे मगर पुलिस को ध्यान देना चाहिए व्यवस्था बनाने पर। सड़कों पर पैसा खर्च किया जाए और उन्हें बेहतर बनाया जाए ताकि जाम से छुटकारा मिल सके। -जगदीश किशनानी, उद्यमी

पॉलिसी बनाकर काम किया जाए। अफसर इस पर ध्यान दें। यह कॉरिडोर बाहर से आने वाले लोगों के लिए हो। ताकि शहर की छवि भी अच्छी लेकर वापस जाए। सिंगल सड़कों पर बसों की जगह छोटी गाड़ियां होनी चाहिए। -गुरप्रीत सिंह, अहलूवालिया, प्रबंधक, गुरुनानक खालसा

बीएचयू और ट्रॉमा सेंटर रोड को फ्री रखा जाए। बीएचयू रोड, अस्सी, सीर गोवर्धनपुर की ओर से स्कूली बसें एक साथ छोड़ दी जातीं हैं। सिंगल रोड पर भी बसें जाती हैं। इससे जाम की समस्या गहराती है। -डॉ. उत्तमा दीक्षित, प्रमुख, दृश्य कला संकाय

प्रमुख समस्याएं

  • ट्रैफिक लाइटें ठीक कराई जाएं। चौराहे की जिस सड़क पर अधिक वाहन हैं, वहां ग्रीन लाइट का समय बढ़ाया जाएगा।
  • ई-रिक्शा बेलगाम होकर चल रहे हैं। सवारियां भी अधिक बिठा रहे हैं। इससे दुर्घटनाएं हो रही हैं।
  • प्रमुख सड़कों पर अवैध कट हैं। इन्हें आए दिन खोल दिया जाता है। जाम लगता है। दुर्घटना का भी कारण हैं।
  • रविदास गेट चौराहा, मंडुवाडीह चौराहा पर फुट ओवरब्रिज बनाया जाए।
  • फ्लाईओवर बनाते समय अगले दस वर्षों में आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखा जाए।

पुलिस आयुक्त ने दिया भरोसा, बताया समाधान
  • मंडुवाडीह चौराहे पर यू-टर्न व्यवस्था सफल रही है। सड़क की खोदाई के कारण उसे वापस लेना पड़ा। लोक निर्माण विभाग से बात हुई है। व्यवस्था जल्द ही लागू की जाएगी।
  • चांदपुर की ओर से मंडुवाडीह की ओर आने वाले ट्रक, बस सहित अन्य बड़े वाहनों को रोकेंगे। उन्हें लहरतारा की तरफ से निकाला जाएगा।
  • ट्रैफिक लाइट को भी दिखवाएंगे। जिस ओर ट्रैफिक अधिक होगा, उधर ग्रीन लाइट का समय बढ़ाया जाएगा।
  • जिस किसी सड़क पर कोई अवैध कट खुला है,उसे बंद कराया जाएगा।
  • शराब की दुकान के बाहर शराब नहीं पी सकते हैं। इसके लिए पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
  • कहीं कोई बड़े डस्टबिन यदि समस्या बन रहे हैं तो इस बारे में नगर आयुक्त से बात कर उनका स्थान बदलवाया जाएगा।
  • कचहरी के पास वकीलों को स्टीकर दे रहे हैं ताकि वहां खड़े वाहनों में से उनके वाहनों को चिह्नित किया जा सके।
  • जाम की समस्या से निपटने के लिए आम जनता को जोड़ रहे हैं। उनके इलाके की समस्या उन्हीं से पूछेंगे और उन्हीं से निदान लेंगे। इसके लिए यातायात सलाहकार कमेटी बनाएंगे। यह सजेशन स्कीम के तहत होगा।
  • ई-रिक्शा वालों की वर्दी और रूट निर्धारित करेंगे। अनधिकृत पार्किंग पूरी तरह बंद करेंगे। सुधार नहीं होने पर कार्रवाई करेंगे।
  • दोपहिया वाहन पर तीन सवारी, हेलमेट न लगाने वालों और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 15 दिन का अभियान चलाया जाएगा।
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यह भी जानें

  • जिले में चारपहिया वाहन - एक लाख से ज्यादा
  • जिले में दोपहिया वाहन - 12 लाख से ज्यादा
  • ई-रिक्शा की संख्या - 25 हजार
  • रोजाना शहर में वाहनों की आवाजाही - डेढ़ लाख से ज्यादा
  •  


क्या कहते हैं अधिकारी

जाम वाले चौराहों के आसपास रहने वालों को ट्रैफिक एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया जाएगा। उनके फीडबैक से यातायात व्यवस्था सुधारी जाएगी। पुलिस के साथ पब्लिक का सहयोग जरूरी है। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त

शहर में जाम के जो प्वाइंट हैं, उन्हें चिह्नित कर उनके हिसाब से स्थान विशेष के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। हमारा प्रयास यही है कि जाम कम लगे। राहगीरों को ज्यादा परेशान न होना पड़ेगा। मंडुवाडीह में लगने वाले जाम का हल जल्द ही निकाला जाएगा। स्थायी समाधान की व्यवस्था की जा रही है। - राजेश कुमार पांडेय, एडीसीपी ट्रैफिक
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