लोहता क्षेत्र के बनकट फाटक इलाके में आवारा कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल सात वर्षीय बच्ची ने इलाज के दौरान मंगलवार को दम तोड़ दिया। सायबा, शोएब खान की बेटी थी। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। पूरे क्षेत्र में दहशत और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी है।
परिजनों के मुताबिक, 22 अगस्त को सायबा अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक एक कुत्ते ने उस पर हमला बोल दिया। कुत्ता मासूम को घसीटते हुए नोंचने लगा, जिससे उसके चेहरे, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे जख्म हो गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजनों और पड़ोसियों ने किसी तरह बच्ची को बचाया और अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार मिलने के बावजूद संक्रमण तेजी से फैल गया और एक महीने तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, मौत की मुख्य वजह रेबीज रहा। परिजनों का कहना है कि उसे रेबीज के तीन इंजेक्शन लग चुके थे, चौथा लगना बाकी था। इस दुखद घटना के बाद बनकट फाटक व आसपास के निवासियों में आक्रोश है। ग्रामीण लाठी डंडे लेकर कुत्ते को ढूंढ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की गलियों और चौराहों पर आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। सीएमओ डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजकर जागरूक किया जाएगा। कुत्ते के काटने पर सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क एआरवी लगती है।
शराब कारोबार में निवेश के नाम पर 2.14 करोड़ लेने का आरोप
शराब कारोबार में निवेश कर लाभ दिलाने के नाम पर 2.14 करोड़ रुपये लेने और 1.03 करोड़ वापस न करने के मामले में पुलिस ने छोटा लालपुर निवासी राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर आफताब आलम, आफसा खातून, तेजू, गिरीश (गोदाम संचालक) और एक व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आफताब आलम और आफसा खातून शराब कारोबार से जुड़े हैं। आफताब ने कारोबार में रकम लगाने पर लाभ में हिस्सा देने की बात कही थी।
24 दिसंबर 2025 को दोनों पक्षों के बीच साझेदारी और लाभांश को लेकर करार हुआ। राजकुमार का दावा है कि उन्होंने आरटीजीएस से 2.14 करोड़ रुपये कारोबार में लगाए। आरोप है कि करार के बाद आरोपियों ने कुछ रकम वापस की, लेकिन बाद में भुगतान रोक दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार करीब 1.03 करोड़ रुपये अभी बकाया हैं। रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
ब्लैकमेल करने और दुष्कर्म के दोषी को 7 साल की सजा
मिर्जामुराद में महिला को अश्लील फोटो और वीडियो भेजकर धमकाने व दुष्कर्म के मामले में अदालत ने अभिषेक तिवारी को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-2 सुनील कुमार तृतीय की अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दो साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता की शादी जौनपुर में हुई थी और वह पति के साथ मुंबई में रहती थी। आरोपी अभिषेक तिवारी पीड़िता के घर आता-जाता था। इसी दौरान उसने पीड़िता की कुछ फोटो और वीडियो बना ली थी।
आरोप था कि बाद में आरोपी ने पीड़िता के व्हॉट्सएप और फेसबुक अकाउंट पर अश्लील फोटो-वीडियो भेजना शुरू किया। वह और अश्लील फोटो भेजने का दबाव बनाता था। ऐसा नहीं करने पर पहले की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और पीड़िता व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर मिर्जामुराद थाने में 2020 में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा समेत आईटी एक्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभिषेक तिवारी को दोषी करार दिया। 22 सितंबर 2026 को सुनाए फैसले में अदालत ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जेल में पहले बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।