अगर किसी मरीज को भर्ती की जरूरत होती है तो उन्हें आयुर्वेद अस्पताल चौकाघाट भेजा जाता है। 27 अस्पतालों में 4 जगहों पर पंचायत भवन में, दो जगहों पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयुर्वेदिक अस्पताल को किसी तरह चलाया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के बगल में बनी बिल्डिंग में 25 बेड का अस्पताल चलता था, यहां मरीज भर्ती होते थे लेकिन इस समय केवल ओपीडी ही चल रही है। यहां बिल्डिंग बनने के बाद ही भर्ती की सुविधा शुरू हो पाएगी।
आयुर्वेदिक अस्पताल चौकाघाट में फटे बेड पर सो रहे हैं मरीज
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल चौकाघाट में वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के लिए जो बेड लगाया गया है, वह फटा है। कुछ जगहों पर चादर बिछाकर जैसे तैसे मरीजों को भर्ती किया गया है। ओपीडी के ठीक बगल वाले वार्ड के साथ ही पहली मंजिल पर भी फटा बेड लगाया गया है। दवा काउंटर पर भी केवल 12 दवाइयों की सूची लगाई गई है। लिहाजा मरीजों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।
अधिकारी बोले
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सके, इस दिशा में समय-समय पर प्रयास किया जा रहा है। चार जगहों पर बिल्डिंग नई बन रही है तो कबीरचौरा में भी 25 बेड वाले अस्पताल का जीर्णोद्धार नए सिरे से कराया जाना है। फिलहाल सभी जगहों पर केवल ओपीडी की सेवा मिल रही है। कबीरचौरा में भवन बनने के बाद मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। -डॉ.अरविंद सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी