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विश्व आयुर्वेदिक दिवस: वाराणसी में हैं 27 आयुर्वेदिक अस्पताल, भर्ती की सुविधा किसी में नहीं

Wed, 23 Sep 2026 03:04 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी जिले में 27 आयुर्वेदिक अस्पताल हैं, लेकिन भर्ती की सुविधा किसी में नहीं है। कहीं पंचायत भवन तो कहीं स्वास्थ्य केंद्र के कैंपस में आयुर्वेदिक अस्पताल चल रहा है। 
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राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल चौकाघाट में फटा पड़ा बेड। - फोटो : एआई
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विस्तार
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वाराणसी जिले में इस समय 27 राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल (राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय चौकाघाट को छोड़कर) हैं, लेकिन भर्ती की कहीं भी सुविधा नहीं है। जैसे-तैसे ओपीडी ही चल पा रही है। एक जगह 25 बेड वाला अस्पताल है तो भर्ती के लिए इंतजार करना पड़ेगा। इस तरह की स्थिति तब है जब प्रदेश के आयुष मंत्री भी इसी जिले के हैं और समय-समय पर वह सुविधाओं की निगरानी करते हैं।

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आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। काशी में रामनगर, बड़ागांव में अनेई, रजवारी, कपसेठी, जाल्हूपुर कबीरचौरा को मिलाकर 27 जगहों पर राजकीय आयुर्वेद अस्पताल है। सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी चल रही है। समय-समय पर होने वाली बैठक में मरीजों को आयुर्वेद अस्पतालों में जांच, इलाज की बेहतर सुविधा करने की बात कही जाती है, लेकिन ओपीडी ही चल पा रही है। जो मरीज आते हैं, उन्हें डॉक्टर के परामर्श के साथ ही जरूरी दवाइयां दी जा रही हैं। 

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अगर किसी मरीज को भर्ती की जरूरत होती है तो उन्हें आयुर्वेद अस्पताल चौकाघाट भेजा जाता है। 27 अस्पतालों में 4 जगहों पर पंचायत भवन में, दो जगहों पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयुर्वेदिक अस्पताल को किसी तरह चलाया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के बगल में बनी बिल्डिंग में 25 बेड का अस्पताल चलता था, यहां मरीज भर्ती होते थे लेकिन इस समय केवल ओपीडी ही चल रही है। यहां बिल्डिंग बनने के बाद ही भर्ती की सुविधा शुरू हो पाएगी।

आयुर्वेदिक अस्पताल चौकाघाट में फटे बेड पर सो रहे हैं मरीज
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल चौकाघाट में वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के लिए जो बेड लगाया गया है, वह फटा है। कुछ जगहों पर चादर बिछाकर जैसे तैसे मरीजों को भर्ती किया गया है। ओपीडी के ठीक बगल वाले वार्ड के साथ ही पहली मंजिल पर भी फटा बेड लगाया गया है। दवा काउंटर पर भी केवल 12 दवाइयों की सूची लगाई गई है। लिहाजा मरीजों को दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।

अधिकारी बोले
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सके, इस दिशा में समय-समय पर प्रयास किया जा रहा है। चार जगहों पर बिल्डिंग नई बन रही है तो कबीरचौरा में भी 25 बेड वाले अस्पताल का जीर्णोद्धार नए सिरे से कराया जाना है। फिलहाल सभी जगहों पर केवल ओपीडी की सेवा मिल रही है। कबीरचौरा में भवन बनने के बाद मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। -डॉ.अरविंद सिंह, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
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