विधानसभा का चुनाव लड़ रहे प्रमुख प्रत्याशियों में कुछ ऐसे हैं जो स्कूल नहीं गए और उनके पास कोई शैक्षिक उपाधि नहीं है लेकिन चौंकिए नहीं, सियासी समर में उतरे धुरंधरों में कोई ‘अनपढ़’ नहीं है।
कोई गृह शिक्षा के दम पर साक्षर है तो किसी ने बिना किसी शैक्षिक उपाधि हासिल किए खुद को शिक्षित बनाया है। कई प्रत्याशी उच्च शिक्षित हैं। उनके पास परास्नातक, एलएलबी और पीएचडी की उपाधियां हैं।
नामांकन के समय दाखिल हलफनामे में दर्ज ब्योरे के मुताबिक दक्षिणी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी नीलकंठ तिवारी ने काशी विद्यापीठ से बीजे, पूर्वांचल विश्वविद्यालय से एलएलबी और फिर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से पीएचडी किया है।
दक्षिणी से ही कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने बीएचयू से एमए और पीएचडी किया है। दक्षिणी से बसपा प्रत्याशी राकेश त्रिपाठी ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई 1996 में की लेकिन स्नातक की पढ़ाई उन्होंने 2015 में अरुणाचल प्रदेश से पूरी की। सेवापुरी से अपना दल (एस) प्रत्याशी नीलरतन पटेल इंटरमीडिएट पास हैं।
सेवापुरी से ही सपा प्रत्याशी एवं सूबे के मंत्री सुरेंद्र पटेल की शिक्षा घर पर ही हुई है। उनके पास कोई डिग्री नहीं है। यही हाल अजगरा से सपा प्रत्याशी लालजी सोनकर का भी है। उनकी शिक्षा दीक्षा भी घर पर ही हुई है। अजगरा से बसपा प्रत्याशी त्रिभुवन राम ने 1971 में बीएचयू से बीएससी (सिविल इंजीनियरिंग) किया है।
अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल इंटरमीडिएट पास हैं। उन्होंने 1977 में बरेली से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की है। कैंट से कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव ने बीएचयू से बीए और एमए किया है। कैंट से ही भाजपा प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव बीएचयू से वाणिज्य स्नातक हैं।
शहर उत्तरी से कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल समद अंसारी ने नेशनल इंटर कालेज से हाईस्कूल की पढ़ाई की है तो वहीं उत्तरी से ही बसपा के सुजीत मौर्या इंटर पास हैं। पिंडरा से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने काशी विद्यापीठ से स्नातक किया है।