वाराणसी जिले के भैंसासुर घाट के पास मैनहोल में सफाईकर्मी घूरेलाल की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने दर्ज कराई है।
भैंसासुर घाट के पास गत शुक्रवार को मैनहोल में उतरे सफाईकर्मी घूरेलाल की मौत हो गई थी। अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि सीवर सफाई के लिए नौकरी पर रखना 6 दिसंबर 2013 से मना है। पीड़ित परिवार को नगर निगम और ठेकेदार दोनों की ओर से मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए।
ये हुई थी घटना
राजघाट तिराहे के समीप मैनहोल चोक हो गया था। उसकी सफाई के लिए 5 अप्रैल को सफाईकर्मियों के साथ ठेकेदार मौके पर पहुंचा था। मैनहोल का ढक्कन खोलने के बाद मच्छोदरी निवासी घूरेलाल (50) रस्सी के सहारे लगभग 15 फीट नीचे उतरा। लगभग 10 से 12 मिनट बाद अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर बाहर खड़ा घूरेलाल का साथी मैनहोल में अंदर उतरा तो उसका दम घुटने लगा और वह शोर मचाते हुए बाहर निकल आया। इसके साथ ही मौके से अन्य सफाईकर्मी और ठेकेदार खिसक लिए।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची और एनडीआरएफ के जवानों को बुलाया गया। एनडीआरएफ के जवान ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ मैनहोल में उतरे और लगभग आधा घंटे की मशक्कत के बाद घूरेलाल को बाहर निकाला गया। मंडलीय अस्पताल ले जाए जाने पर घूरेलाल को मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद ठेकेदार ने दिया चेक, खाते में नहीं थे रुपये
पत्नी को घटना वाले दिन एक लाख रुपये नकद और 10 लाख रुपये का चेक दिया गया था। घटना के अगले दिन शनिवार को जब पत्नी ने बैंक में चेक लगाया तो खाते में पैसा न होने से चेक क्लीयर नहीं हो सका। रविवार को बैंक बंद था। सोमवार को बैंक खुलने पर सुबह पुन: पत्नी चेक लगाने गई थी, लेकिन तब तक खाते में पैसा नहीं आया था। इस नाते वह लौट आई।
सोमवार की रात दिया गया 19 लाख का चेक
देर रात दस बजे ठेकेदार बबलू सिंह, जल निगम के एई संतोष आर्य, जेई गोविंद यादव घर गए और 19 लाख रुपये का चेक दिया। जल निगम के सहायक अभियंता नीरज सिंह ने बताया कि सोमवार की सुबह 12:30 बजे खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया गया है। शनिवार को पैसा न होने से चेक क्लीयर नहीं हुआ था। खाते में पूरे 29 लाख रुपये डाल दिए गए हैं।