पीएम के संसदीय क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत के पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, जल निगम, बिजली विभाग और जिला प्रशासन के दावे बारिश में धुल गए। मंगलवार की भोर में कांवरियों के मुख्य मार्ग गोदौलिया-गिरजाघर के बीच सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया। गनीमत रही कि इस अतिव्यस्त सड़क पर तब ट्रैफिक का दबाव नहीं था अन्यथा बड़ा हादसा तय था।
अभी हाल ही में यहां जल निगम ने खुदाई करके सीवर पाइप लाइन बिछाई थी। उसके बाद सावन मेला के मद्देनजर सड़क को दुरुस्त कराया गया था। सड़कों की मरम्मत के नाम पर चल रहे खेल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भदऊं चुंगी, ककरमत्ता, चेतगंज, मलदहिया में भी सड़कें धंस गई हैं।
दरअसल, मरम्मत के लिए शासन के दबाव के बाद किसी तरह आननफानन में गड्ढे भरकर सड़क बना दी गई लेकिन अब बारिश में मिट्टी बैठने से सड़कें धंसने लगी हैं। कब, कौन-कहां हादसे की चपेट में आ जाए कोई ठीक नहीं।
जानकारों का दावा है कि निर्धारित मानक के अनुरूप सड़कों की मरम्मत कराई गई होती तो सीवर-पेयजल पाइप लाइनों के लीकेज दुरुस्त कराए गए होते तो ऐसी नौबत नहीं आती। बारिश के बाद शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं बची है, जहां छोटे-बड़े गड्ढे नहीं बन गए हाें।
सड़कों की गिट्टियां उखड़कर छितरा गई हैं। सावन मेला के चलते प्रशासन ने 15 सितंबर तक खुदाई पर रोक लगाई है लेकिन सड़कों की मरम्मत का काम ठीक से न होने से राह चलना दुश्वार हो गया है।
जिम्मेदार बच रहे हैं और जनता झेल रही है। पखवारे भर में नगवां, विशेश्वरगंज, गोदौलिया चौराहा, रवींद्रपुरी सहित कई अन्य स्थानों पर भी सड़कें धंस चुकी हैं।