नए साल के पहले दिन ही बनारस देश का चौथा प्रदूषित शहर रहा। हालांकि धूप खिलने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में गिरावट आई और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ। इसके साथ ही शाम होते-होते बनारस टापटेन की सूची से बाहर हो गया। वहीं शहर में सबसे अधिक प्रदूषित इलाका नाटी इमली और लंका का रहा। आईक्यू एयर की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सुबह 9:30 बजे वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 379 रहा, जौनपुर पांचवें नंबर पर रहा।
शुक्रवार को नए साल की शुरूआत हवा की खराब सेहत से हुई। नाटी इमली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 544 दर्ज किया गया। लंका में वायु प्रदूषण का स्तर खराब रहा और एयर क्वालिटी इंडेक्स 433 दर्ज किया। वहीं अर्दली बाजार का एयर क्वालिटी इंडेक्स 176 रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार शाम को सात बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 225 दर्ज किया गया। 31 दिसंबर की रात में हुई आतिशबाजी और शहर में चल रहे खोदाई के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स की स्थिति खराब हुई है। आगे देखें रिपोर्ट...