रोपवे के पहले चरण का काम नवंबर तक पूरा होगा। इससे पहले फरवरी में पीएम मोदी के सामने ट्रायल होगा। इसे लेकर कैंट, विद्यापीठ और रथयात्रा पर तेजी से निर्माण चल रहा। पहले इसके निर्माण को मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था।
देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का ट्रायल रन फरवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने होगा। इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। हालांकि पहले चरण के काम को पूरा होने में अभी पहले की तय समय सीमा से आठ महीने अधिक का समय लगेगा। पहले निर्माण को मार्च 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य था जिसे बढ़ा कर नवंबर 2024 किया गया है।
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रोपवे के लिए पहले चरण में तीन स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसमें पहला कैंट स्टेशन परिसर, दूसरा काशी विद्यापीठ और तीसरे का निर्माण रथयात्रा स्थित थियोसोफिकल सोसाइटी परिसर में निर्माण हो रहा है। स्टेशन और टावरों के निर्माण में 1200 से अधिक मजूदर काम कर रहे हैं। दिन-रात काम कराया जा रहा है। हालांकि कैंट स्टेशन पर निर्माण कार्य की गति धीमी है। कैंट स्टेशन में पाइलिंग हो गई है, कैपिंग का काम चल रहा है।
कैंट में पानी की सतह ऊपर होने के कारण सबसे अधिक समस्या हो रही है। भारत माता मंदिर परिसर में काम तेजी से कराया जा रहा है। यहां पहला फ्लोर कोर्स पूरा हो गया है। इसके अलावा ऊपर के निर्माण कराए जा रहे हैं। पाइल कैपिंग का काम पूरा हो चुका है। रथयात्रा स्टेशन पर भी पाइलिंग और पहले फ्लोर कोर्स का काम पूरा हो चुका है। कार्यदायी संस्था के अभियंताओं के मुताबिक विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन में पहले चरण का 60 फीसदी काम मार्च तक पूरा हो जाएगा।