परिषदीय स्कूलों को प्रेरक स्कूल बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए शिक्षकों को तीन मॉड्यूल पर आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आधारशिला, ध्यानाकर्षण व शिक्षण संग्रह मॉड्यूल के अनुसार शिक्षकों को बच्चों को तैयार करना है। सरकार की ओर से वर्ष 2021 तक प्रदेश को प्रेरक प्रदेश बनाना है। इसके लिए जनपद के बीआरसी पर नियमित 25-25 शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के बाद शिक्षक को अपने स्कूल के हर बच्चे को उसके अनुसार तैयार करना होगा। यदि कक्षा 1 का बच्चा है तो उसे 1 से 99 तक संख्या की पहचान हो, उसकी तुलना और संख्या को सही क्रम में लगाना आना चाहिए। शासन थर्ड पार्टी से स्कूल के बच्चों की परीक्षा लेगा। जब बच्चे मॉड्यूल के हिसाब से तैयार हो जाएंगे तब ही स्कूल को प्रेरक का दर्जा मिलेगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि बीआरसी पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जिसके बाद शिक्षक विद्यालय में बच्चों को कक्षा वार तैयार करेंगे
शिक्षक को प्रेरक स्कूल बनाने के लिए पढ़ाने के साथ ही नियमित प्रेरणा तालिका भरनी होगी। इसमें प्रेरक हो चुके और इससे वंचित बच्चों की संख्या देनी होगी। जब सभी बच्चे प्रेरक हो जाएंगे तो इसकी जानकारी शिक्षक अपने अधिकारी को देंगे, जिसके आधार पर शासन द्वारा थर्ड पार्टी भेजकर स्कूल की जांच कराई जाएगी।