बीएचयू में शैक्षणिक सत्र 2019-20 के मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों को सेमेस्टर के अंत में होने वाली परीक्षा नहीं देनी पड़ेगी। ऐसे छात्रों को अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा। बीएचयू प्रशासन की ओर से इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है।
इसके अलावा सेशनल परीक्षा को असाइनमेंट आधारित बनाए जाने के विद्वत परिषद के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। कोरोना संक्रमण की वजह से 2019-20 के ऐसे छात्र जो दूसरे, चौथे, छठे और आठवें सेमेस्टर में है, उन्हें 2020-21 में तीसरे, पांचवें, सातवें और नौवें सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा। बीएचयू की ओर से लिए गए फैसले से करीब 20 हजार छात्रों को राहत होगी।
पीआरओ सेल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक सेशनल परीक्षा को आधारित बनाए जाने के लिए शिक्षक ई-मेल, इलेक्ट्रानिक माध्यम असाइनमेंट छात्र-छात्राओं को भेज सकते हैं, जिसे 15 दिन की अवधि में पूरा करना होगा। इसके अलावा जिन मामलों में सेशनल मार्च 2020 में विश्व विद्यालय बंद होने से पहले या तो संपन्न करा लिया गया है या आंशिक रूप से पूरे किए गए हैं, उनमें छात्रों को असाइनमेंट आधारित सेशनल का विकल्प दिया जाएगा।
ऐसे छात्र जिस भी माध्यम से अधिक अंक अर्जित किए हैं वहीं अंक अंतिम रूप से दिए जाएंगे। जबकि मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों को भी अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाएगा और अगले वर्ष में प्रमोशन के लिए 4 सीजीपीए प्राप्त करने की अनिवार्यता से भी छूट दी गई है। बीएचयू प्रशासन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक सत्र 2019-20 के मध्यवर्ती सेमेस्टर के छात्रों के लिए सेशनल और सेमेस्टर के अंत में होने वाली परीक्षा के भरांक का वितरण भी यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार 50:50 के रूप में किया जाएगा।
सेमेस्टर के अंत में होने वाली परीक्षा के अंक पहले के सेमेस्टर में छात्र के प्रदर्शन पर आधारित होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी फैसला लिया है कि अगर छात्र इस आधार पर मिले अंकों से संतुष्ट नहीं है तो वह आगामी शैक्षणिक सत्रों में उपलब्ध ऐसे पाठ्यक्रमों की परीक्षा में उपस्थित होकर अपने ग्रेड में सुधार कर सकते हैं।