एक्सप्रेस-वे के लिए नए सिरे से जमीन अधिग्रहित की जाएगी। प्रयागराज से भदोही, मिर्जापुर होते हुए गंगा एक्सप्रेस वे को रामनगर के मल्टी मोडल टर्मिनल तक पहुंचाया जाएगा। इसमें मिर्जापुर के करीब 43 गांव, भदोही और वाराणसी के भी 30-30 गांव शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे चुनार के बाद वाराणसी में प्रवेश कर सकती है। कछवां होते हुए चुनार के बाद वाराणसी के करीब 33 गांवों से होकर रामनगर तक यह सिक्सलेन सड़क पहुंच सकती है।
सबसे ज्यादा मिर्जापुर जिले की लेंगे जमीन
पिछले दिनों यूपीडा के अधिकारियों ने वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही जिला प्रशासन से प्रस्तावित मार्गों के आसपास की जमीनों का ब्यौरा मांगा है। इसमें जमीनों की प्रकृति, क्षेत्रफल, मूल्यांकन आदि की रिपोर्ट तैयार की जानी है। अधिकारियों के मुताबिक इसमें सबसे ज्यादा मिर्जापुर जिले की जमीन ली जाएगी।
प्रयागराज से वाराणसी के बीच 150 किलोमीटर की होगी दूरी
गंगा एक्सप्रेस-वे के बन जाने से अब प्रयागराज से वाराणसी के बीच की दूरी 150 किलोमीटर हो जाएगी। शासन की मंशा है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को वाराणसी के साथ-साथ गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली समेत पूर्वांचल के ज्यादातर जिलों को जोड़ा जाए। इसके साथ ही बिहार से लिंक करने की भी संभावना तलाशी जाए। रामनगर तक प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को अब रिंग रोड तक विस्तार देने की भी तैयारी शुरू हो गई है।
गंगा एक्सप्रेस के सर्वे और वर्तमान स्थिति के लिए यूपीडा के अधिकारियों की बैठक भी इसी सप्ताह बुलाई गई है। अब तक की गई कार्यों की समीक्षा की जाएगी। - कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
एक नजर में
- 700 किलोमीटर होगी लंबाई
- 150 किलोमीटर होगी प्रयागराज-वाराणसी की होगी दूरी
- 7200 करोड़ रुपये का हुआ आवंटन
- 150 किलोमीटर की दूरी तय करने में 136 गांवों से गुजरेगी एक्सप्रेस वे
- किसानों से सहमति के लिए प्रशासन करेगा समन्वय बैठक