वाराणसी में कुंडों, तालाबों की सफाई अब खास मशीन से की जाएगी। ये मशीन जलकुंभी बटोरकर पीछे फेंक देती है। जिसे ट्रॉली में जमा किया जाता है। इसके बाद ट्रक के माध्यम से ट्रॉली को करसड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र भेज दिया जाता है।
शहर के कुंडों, तालाबों और नदी में जलकुंभी की सफाई अब ट्रेस स्कीमर मशीन से होगी। अब तक जलकुंभी की सफाई मैनुअल कराई जाती थी। दवा डालने से जल में रहने वाले जीवों पर असर पड़ता था। इसे देखते हुए नगर निगम ने एक मशीन मंगाकर सफाई शुरू कराई है। जरूरत पड़ी तो और मशीनें खरीदी जाएगी।
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जलकुंभी साफ करने वाली मशीन ट्रेस स्कीमर बड़ी तेजी से काम करती है। जलकुंभी बटोरकर पीछे फेंक देती है। जिसे ट्रॉली में जमा किया जाता है। इसके बाद ट्रक के माध्यम से ट्रॉली को करसड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र भेज दिया जाता है। खास बात है कि यह मशीन 2 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से 7 फीट चौड़ाई पर जलकुंभी निकालती है। नगर निगम ने बारिश से पूर्व वरुणा में इस मशीन को उतारा है।
यह मशीन रोजाना 8 घंटे तक जलकुंभी की सफाई करेगी। नगर निगम क्षेत्र में 63 कुंड और तालाब हैं। जहां पर हर साल जलकुंभी की समस्या होती है। इसे हर बार सफाई कर्मचारियों को लगाकर निकलवाना पड़ता है। जलकुंभी निकालने के बाद भी दोबारा जलकुंभी की समस्या बनी रहती है। तालाबों की सफाई के लिए निगम स्थानीय संसाधन की मदद हर साल लेता था, लेकिन अब मशीन आने से स्थानीय संसाधन की मदद नहीं लेनी होगी। आने वाले दिनों में अन्य कुंड तालाब में भी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
जलकुंभी बड़ी समस्या है। एक मशीन मंगाकर कुंड और तालाबों की सफाई शुरू कराई है। जरूरत पड़ी तो और मशीनें खरीदी जाएगी। - अक्षत वर्मा, नगर आयुक्त