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लालच ने पहुंचाया जेल: लूट का मोबाइल गर्लफ्रेंड को देकर फंस गया बदमाश, एक गलती और लूटपाट की साजिश का पर्दाफाश

Tue, 09 Jan 2024 04:54 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

एक गलती और लूट की वारदात को अंजाम देने वाले सभी बदमाश जेल पहुंच गए। मामला वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने लूट की साजिश रचने वाली महिला और आभूषण व्यापारी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खुलासा लूट के मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हुआ।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देवनाथपुर गांव में बीते 27 दिसंबर की रात बुजुर्ग दंपती के घर में लूटपाट उनकी दूर की रिश्तेदार महिला ने कराई थी। यह खुलासा पुलिस ने वारदात की साजिश रचने वाली महिला और आभूषण व्यापारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार करने के बाद किया। पुलिस बदमाशों तक लूट के मोबाइल के जरिये पहुंची। पकड़े गए आरोपियों के पास से लूटा गया मोबाइल, जेवर, आधार कार्ड, चोरी की बाइक, तमंचा और एक कारतूस बरामद हुआ है। आरोपियों की पहचान प्रतापगढ़ के कंधई थाना के नरायनपुर (लटियार) की निर्मला सिंह, दरछुट के विनय सिंह, नरायनपुर के अजीत सिंह और आसपुर थाना के अमरगढ़ निवासी आभूषण व्यापारी तपस्वी सोनी के रूप में हुई है। प्रकरण में पुलिस को निर्मला सिंह के बेटे जितेंद्र सिंह और उसके दोस्त अनूप सरोज की तलाश है।

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यह था पूरा मामला
बड़ागांव थाना क्षेत्र के देवनाथपुर गांव में बुजुर्ग दंपती फेकई सिंह और लाची देवी के घर का दरवाजा बीते 27 दिसंबर की रात बदमाशों ने खटखटाया था। बदमाशों ने उनके पोते नैतिक का नाम लेकर कहा कि तुम्हारी भैंस खूंटे से छूट गई है। यह सुनकर नैतिक दरवाजा खोला तो बदमाश घर के अंदर घुसकर जान से मारने की धमकी देते हुए गहने और मोबाइल लूट ले गए थे। 

इस संबंध में डीसीपी गोमती जोन प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बड़ागांव थानाध्यक्ष राजकुमार पांडेय के नेतृत्व में हरहुआ चौकी प्रभारी शिवानंद सिसौदिया और दरोगा अमित कुमार पांडेय, संतोष कुमार व प्रवीण कुमार ने सर्विलांस की मदद से बदमाशों को चिह्नित कर गिरफ्तार किया है। बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार का नकद पुरस्कार दिया गया है।

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लालच में आकर बेटे और उसके दोस्तों को तैयार किया

पूछताछ में निर्मला सिंह ने बताया कि वृद्धा लाची सिंह उसकी दूर की रिश्तेदार हैं। वह अपने बुजुर्ग पति और नाबालिग पोते के साथ रहती हैं। उनके पास सोने-चांदी के काफी जेवर हैं। वह लालच में आकर अपने बेटे की मदद से उसके तीन दोस्तों को लूटपाट के लिए तैयार किया था। 27 दिसंबर की रात उसके बेटे जितेंद्र ने बुजुर्ग दंपती के घर का दरवाजा खुलवा कर लूटपाट कराई थी। लूटे गए गहने खरीदने की बात आभूषण व्यापारी तपस्वी सेठ से तय हुई थी। वहीं, अजीत और विनय ने बताया कि बरामद हुई बाइक उन्होंने कुछ दिन पहले ऊंचाहार, रायबरेली से चुराई थी।

मोबाइल की मदद से पुलिस पहुंची बदमाशों तक
बदमाशों तक पुलिस लूटे गए मोबाइल की मदद से पहुंची। पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग दंपती के घर से लूटा गया मोबाइल बदमाश अजीत ने अपनी गर्लफ्रेंड को दे दिया था। उसने कहा था कि मोबाइल को दो से तीन महीने बाद इस्तेमाल करना। मगर, उसकी गर्लफ्रेंड एक दिन उसमें लगभग एक घंटे के लिए अपना सिम लगा ली। मोबाइल में सिम के लगते ही उसकी लोकेशन ट्रेस हो गई और वारदात की गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई।
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