जिस इंटर्न डॉक्टर के 500 रुपये मरीज से इलाज के नाम पर लेने का खुलासा हुआ है, यह कोई पहला मामला नहीं है, इसके पहले भी उसने कई मरीजों से पैसा लिया है। जब बीएचयू में बिना जांच रसीद के जांच नहीं होती है तो अब सवाल यह है कि वह पैसा लेकर कैसे जांच कराता है। अब जब इसकी शिकायत हुई है तो इसका खुलासा हुआ।
आईएमएस निदेशक बोले-मामले की कराएंगे जांच, होगी कार्रवाई
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार का इस पूरे मामले पर कहना है कि मरीजों से इलाज के नाम पर पैसा लेना गलत है। आयुर्वेद संकाय के प्रमुख से इस बारे में रिपोर्ट मांगी जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित इंटर्न डॉक्टर पर कार्रवाई भी की जाएगी।