पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीनों गुजरात में मूर्ति बनाने का काम करते थे। बनारस का होने के कारण तीनों में वहीं दोस्ती हुई। इसके बाद गुजरात से वापस बनारस लौट आए। वेल्डिंग का काम करने के कारण रोहित गैस कटर से कटिंग में माहिर है।
तीनों ने बताया कि चोरी करने से पहले वो घर, दुकान या बैंक की रेकी करते थे। तीनों ने स्वीकार किया कि अब तक बनारस के अलावा गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र और बिहार के अलग-अलग शहरों में कई जगह चोरियां कर चुके हैं।