एडीसीपी वरुणा जोन सरवणन टी ने बताया कि पूछताछ में तीनों आरोपियों से पता लगा है कि झारखंड का नीरज कुमार उनके गिरोह का सरगना है। वाहन और गांजा वही देता था। नीरज एक ट्रिप का प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये देता था।
नीरज फॉर्च्यूनर और डिजायर कार से इसलिए भेजता था क्योंकि हाईवे पर कहीं भी पुलिस चेक नहीं करती थी। वे कई बार बनारस, भदोही, मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर में गांजा की खेप पहुंचा चुके हैं। तीनों ने कहा कि उनके गिरोह में से ही किसी ने मुखबिरी की है और तभी वे पकड़े गए हैं।
खंगाला जा रहा नक्सल कनेक्शन, पहुंची आईबी
कमिश्नेट के वरुणा जोन के पुलिस अफसरों ने बताया कि तीनों आरोपियों का नक्सल कनेक्शन खंगाला जा रहा है। तीनों आरोपियों के सरगना नीरज की गिरफ्तारी के लिए टीम झारखंड भेजी जाएगी। उधर, नक्सल कनेक्शन की जानकारी पाकर आईबी की एक टीम भी आरोपियों से पूछताछ करने पहुंची थी।