पुलिस के गिरफ्त में आरोपी (मास्क लगाए हुए)
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चौक थाना क्षेत्र के बेनिया की मलिन बस्ती में राजन (60) की गोली मारकर हत्या तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के चक्कर में हुई थी। 24 घंटे के अंदर मंगलवार को एसओजी और चौक पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आराेपियों के कब्जे से .32 बोर की एक पिस्टल, हत्या में उपयोग दो बाइक बरामद की है। डीसीपी ने टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया।
एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने बताया कि आरोपियों में बेनियाबाग निवासी विशाल भारतीय उर्फ जानू और कृष्णा वाल्मिकी, लोहता के चुरामनपुर निवासी विकास विश्वकर्मा उर्फ सोनू व लोहता थाना क्षेत्र के मरेठवा निवासी सुजीत वाल्मिकी शामिल हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी विशाल ने बताया कि मिर्जापुर के नारायण निवासी राजन तंत्र-मंत्र करता था। हाल के दिनों में परिवार के अंदर कई मौतें हुईं।
राजन जब-जब बेनियाबाग में आता था तो परिवार में कुछ न कुछ हादसा जरूर होता था। ऐसा लगता था कि राजन के तंत्र-मंत्र के चलते ही परिवार में जाने गईं। 20 जून को सगाई समारोह में शामिल होने के लिए राजन बेनिया में बस्ती पहुंचा तो उसे ठिकाने लगाने की योजना बना ली। लोहता के चुरामनपुर निवासी अपने मित्र विकास से योजना पर चर्चा की और फिर विकास से शूटर कृष्णा और सुजीत वाल्मिकी को तय किया गया।
कृष्णा और सुजीत ने साइलेंसर वाली पिस्टल से रविवार देर रात घर के बाहर चारपाई पर सो रहे राजन की सिर और पेट में गोली मारकर हत्या कर दी। एडीसीपी के अनुसार पहले तो विशाल ने स्वर्गीय पिता के भूत बनकर सिर पर सवार होने का नाटक किया लेकिन पुलिस की कड़ाई के आगे सब भूत भाग गया। बाद में बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए भूत का नाटक कर रहा था।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान ने बताया कि हत्या के छह घंटे बाद ही कारणों का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गईं थी। मिर्जापुर के नारायणपुर निवासी राजन ने दो शादी की थी। एक पत्नी मिर्जापुर तो दूसरी पत्नी बेनियाबाग में रहती थी। दूसरी पत्नी के बेटे की 20 जून को सगाई थी, जिसकी सगाई में शामिल होने के लिए राजन 5 दिन पहले ही बेनिया पहुंचा था।