वाराणसी की सारनाथ पुलिस ने निवेश के बहाने साइबर ठगी के आरोपी सास, ससुर और बहू को गिरफ्तार किया है। गोरखपुर में आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित है।
डीसी फाइनेंस कंपनी में निवेश का झांसा देकर 20 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपियों गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के बरईपार निवासी सास धनौती देवी, ससुर राजेंद्र जायसवार और बहू संगीता को सारनाथ पुलिस और साइबर सेल की टीम ने महाराष्ट्र के नासिक से 16 नवंबर को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में बुधवार को जेल भेज दिया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों पर गोरखपुर में 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित है। आरोपियों के खिलाफ गोरखपुर में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
आरोप है कि विभिन्न जनपदों के लोगों से फर्जी शेयर ट्रेडिंग, डीडी फाइनेंस कंपनी के नाम से ठगी की है। आरोपियों पर जनवरी 2025 में सारनाथ थाने में ठगी का भी मुकदमा दर्ज है। एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तीन डेबिट कार्ड, लैपटॉप, पैनकार्ड, दो चेकबुक, पांच मोबाइल, एक फर्जी मोहर, 10 पासबुक, लेटरपैड समेत कूटरचित दस्तावेज बरामद हुए। वर्तमान में तीनों नासिक नगर गंगापुर थाना क्षेत्र के यश लक्ष्मी अपार्टमेंट में रह रहे थे।
16 नवंबर को गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया। ट्रांजिट रिमांड के बाद आरोपियों को वाराणसी लाया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लोगों को झांसे में लेकर निवेश कराते थे।
एक साल में तीन गुना धन वापस करने का दावा करते थे। साथ ही लोगों के रकम वापस मांगने पर उन्हें टरकाते थे। थाना प्रभारी शिवानंद सिसौदिया ने बताया कि आरोपियों ने अपने कई रिश्तेदारों के साथ भी ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है।